🔱 हिंदू धर्म में सावन को महादेव का सबसे प्रिय और पवित्र महीना माना गया है। मान्यता है कि यह महीना भक्त को भगवान से जोड़ने वाले एक आध्यात्मिक पुल का काम करता है। शास्त्रों के अनुसार, सावन में भगवान शिव की मौजूदगी धरती के सबसे करीब होती है और इस महीने को सोमवारों का बड़ा आध्यात्मिक महत्व है। यदि आप सावन के सभी सोमवारों को किसी व्यस्तता के चलते शिव आराधना से चूक गए तो एक आखिरी अवसर आखिरी सोमवार के रूप में आ रहा है। भगवान शिव की शरण में स्वयं को समर्पित करने का सबसे धार्मिक माध्यम रुद्राभिषेक है, जो सावन के आखिरी सोमवार को रामेश्वरम घाट पर होने जा रहा है।
🌿सावन के आखिरी सोमवार को रामेश्वरम घाट पर रुद्राभिषेक क्यों?
पुराणों में रामेश्वरम और भगवान शिव का गहरा संबंध बताया गया है। रामायण के अनुसार, भगवान राम ने लंका विजय के बाद रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना करके भगवान शिव की पूजा की थी, जिससे उन्हें ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिल सके। रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग को भगवान राम द्वारा स्थापित माना जाता है और यह दक्षिण भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस महत्व के साथ सावन के आखिरी सोमवार को यहां रुद्राभिषेक और भी ख़ास हो जाता है। जो भक्त जीवन में खराब स्वास्थ्य, अस्पष्टता और भटकाव के शिकार हैं, उनके लिए यह दिव्य अनुष्ठान एक नई ज़िंदगी के बराबर फलदायी हो सकता है।
सनातन परंपरा के अनुसार, भगवान शिव केवल विनाशक-संहारक नहीं हैं, बल्कि वे आरोग्य, जीवन संरक्षण और करुणा की साक्षात मूर्ति हैं। वे त्रिनेत्रधारी योगी हैं, जो मृत्यु के भय को हर सकते हैं और जीवन को नई आध्यात्मिक ऊर्जा दे सकते हैं। महादेव की कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक को सबसे बड़ा धार्मिक उपाय माना गया है, जो रोग-शोक को हर सकता है और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा तय कर सकता है। रुद्राभिषेक में जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल जैसे द्रव्यों के साथ महादेव का अभिषेक किया जाता है।
🌿‘जटा तीर्थम’ में महादेव का दिव्य अनुष्ठान:
जटा तीर्थम, रामेश्वरम स्थित एक पवित्र जलकुंड है, जिसका धार्मिक महत्व शास्त्रों में विस्तार से बताया गया है। यह कुंड भगवान राम द्वारा रावण को मारने के बाद खुद को शुद्ध करने के लिए अपने बाल (जटा) धोने के स्थान के रूप में जाना जाता है। सावन का आखिरी सोमवार, रामेश्वरम तीर्थ की ऊर्जा और महादेव का रुद्राभिषेक एक ऐसा अवसर है, जो इस साल दोबारा नहीं आएगा। यदि आप बार-बार सेहत से जुड़ी परेशानियां, जीवन में अस्पष्टता का अनुभव कर रहे हैं तो यह सावन का आखिरी अवसर है। यह अनुष्ठान भक्तों को जीवन में बेहतर स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके संघर्षों को सफलता में बदलने की शक्ति रखता है।
श्री मंदिर द्वारा रामेश्वरम घाट पर आयोजित होने जा रहे इस भव्य रुद्राभिषेक में भाग लेकर आप जीवन में अच्छे स्वास्थ्य, स्पष्टता और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद पा सकते हैं।