🪐 13 साल बाद शनि जयंती और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग
इस वर्ष 16 मई 2026 को एक अत्यंत दुर्लभ और विशेष संयोग बन रहा है, जब शनि जयंती और साल की पहली शनि अमावस्या एक साथ आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि जयंती के दिन न्याय और कर्म के देवता शनि देव का जन्म हुआ था। शनि अमावस्या के दिन शनि जयंती का यह संयोग 13 साल बाद बन रहा है और शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए इसे अत्यंत प्रभावशाली समय माना गया है। इस दिन की गई पूजा केवल शुभ ही नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला अवसर मानी जाती है। इसलिए इस विशेष अवसर पर श्री मंदिर द्वारा 23 लाख शनि मूल मंत्र जाप और 2 लाख 30 हजार शनि मंत्र दशांश महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस पवित्र शनि जयंती पूजा का LIVE दर्शन लिंक आपके साथ साझा किया जाएगा, जिससे आप घर बैठे रियल टाइम में पूजा में शामिल होकर शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
🛕नवग्रह मंदिर, डबरा में इस आयोजन का महत्व
इस दुर्लभ संयोग में शनि की कृपा पाने के लिए डबरा के नवग्रह मंदिर में यह महापूजा आयोजित की जा रही है। यह नवग्रह मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थान है, जहां सभी नौ ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए पूजा की जाती है और भक्तों के कल्याण की कामना की जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ सभी नौ ग्रहों की उनकी पत्नियों सहित विराट मूर्तियाँ स्थापित हैं, जो दुनिया में संभवतः एकमात्र ऐसा स्थान है। यह मंदिर महज एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और विज्ञान के अद्भुत संगम पर आधारित एक दिव्य ऊर्जा केंद्र है। इस महापूजा के माध्यम से भक्त तक उस दिव्य ऊर्जा को पहुंचाने की कोशिश की जाती है।
🔥 131 ब्राह्मणों द्वारा 23 लाख मंत्र जाप - दुर्लभ समय पर ही होती है इतनी बड़ी साधना
इस महापूजा में 131 ब्राह्मण मिलकर 23 लाख शनि मूल मंत्रों का जाप करेंगे और अनुष्ठान की पूर्णता के लिए 2 लाख 30 हजार मंत्रों का दशांश महायज्ञ किया जाएगा। नियम के अनुसार कुल जितना मंत्र जाप किया जाता है उसके दसवें हिस्से के बराबर मंत्रों से हवन किया जाता है। इतनी बड़ी साधना बहुत ही दुर्लभ होती है और इसका प्रभाव गहरा माना जाता है।
💫 यह सिर्फ पूजा नहीं, जीवन को नई दिशा देने का अवसर है
अगर मेहनत के बाद भी सफलता न मिले, अचानक बाधाएँ आएं, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव बढ़े तो यह शनि के प्रभाव का संकेत माना जाता है। ऐसे समय में यह विशेष महापूजा जीवन की रुकावटों को कम करने और एक नई दिशा देने का माध्यम बनती है। शनि देव न्याय के देवता हैं, जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इस दुर्लभ संयोग पर की गई यह पूजा उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है, जिससे जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से आप भी इस 13 साल बाद बन रहे इस दुर्लभ संयोग पर महापूजा में भाग लेकर शनि देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।