📿 सनातन धर्म में एकादशी को भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र तिथियों में से एक माना जाता है। जब एकादशी अधिक मास में आती है, तब इसका आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। लगभग 29 वर्षों बाद अधिक मास की एकादशी का गुरुवार के दिन पड़ना एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ मुहूर्त माना जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र समय में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, व्रत कथा और भक्ति करने से विशेष पुण्य फल और दिव्य कृपा प्राप्त होती है।
✨ इस अत्यंत शुभ अवसर पर 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 1,25,000 विष्णु द्वादश अक्षरी मंत्र जाप, अधिक मास एकादशी व्रत कथा एवं विष्णु पूजा का आयोजन किया जा रहा है। यह पवित्र अनुष्ठान उन भक्तों के लिए समर्पित है जो अपने जीवन में दिव्य जुड़ाव, शांति, सकारात्मकता, मनोकामना पूर्ति और लक्ष्मी नारायण के आशीर्वाद की कामना रखते हैं।
📿 भगवान विष्णु का द्वादश अक्षरी मंत्र "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" सनातन परंपरा के सबसे पवित्र और प्रभावशाली मंत्रों में से एक माना जाता है। शास्त्रों और संतों के अनुसार, यह मंत्र दिव्य कृपा, मन की शुद्धता और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा से इस मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है, नकारात्मक विचार कम होते हैं, विश्वास मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक दिशा मिलने लगती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भक्त प्रह्लाद ने भी भगवान विष्णु के नामों के स्मरण और अटूट भक्ति के माध्यम से उनकी कृपा प्राप्त की थी। इसी कारण एकादशी के दिन भगवान विष्णु की साधना और मंत्र जाप को अत्यंत फलदायी माना जाता है।
इस पवित्र पूजा में 11 विद्वान ब्राह्मण पूरे वैदिक नियमों और श्रद्धा के साथ 1,25,000 विष्णु द्वादश अक्षरी मंत्रों का निरंतर जाप करेंगे। मंत्र जाप के साथ अधिक मास एकादशी व्रत कथा और विष्णु पूजा भी शास्त्रीय विधि से की जाएगी, ताकि भगवान विष्णु की कृपा और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त हो सके। ऐसी मान्यता है कि सामूहिक मंत्र जाप से उत्पन्न पवित्र ऊर्जा भक्तों के जीवन में शांति, सकारात्मकता और शुभ प्रभाव लाती है।
✨ यह मुहूर्त इतना दुर्लभ और प्रभावशाली क्यों माना जाता है?
अधिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है और यह आध्यात्मिक साधना तथा दिव्य कृपा प्राप्त करने का अत्यंत महत्वपूर्ण समय माना जाता है। जब एकादशी जैसी पवित्र तिथि 29 वर्षों बाद गुरुवार के साथ आती है, तब इसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस समय किए गए व्रत, कथा, मंत्र जाप और पूजा का प्रभाव कई गुना अधिक होता है।
🙏 इस पवित्र अनुष्ठान के माध्यम से भक्त मनोकामना पूर्ति, दिव्य सुरक्षा, मानसिक शांति, जीवन में स्थिरता, आध्यात्मिक उन्नति और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी के निरंतर आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा से इस पूजा में भाग लेने से जीवन में सकारात्मकता, शुभता और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
श्री मंदिर के माध्यम से भक्त इस दुर्लभ अधिक मास एकादशी विष्णु साधना में भाग लेकर अपने और अपने परिवार के लिए भगवान विष्णु से मनोकामना पूर्ति, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।