🪔 सनातन धर्म में अधिक मास पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र और दिव्य ऊर्जा से भरपूर समय माना जाता है। लगभग 8 साल में एक बार आने वाली यह दुर्लभ पूर्णिमा मंत्र साधना, शिव पूजा और चंद्र उपासना की शक्ति को कई गुना बढ़ाने वाली मानी जाती है। इस विशेष रात्रि पर भक्त भगवान शिव और चंद्र देव की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा करते हैं, ताकि जीवन में मानसिक शांति, रिश्तों में मधुरता और चिंता से राहत मिल सके।
🌕 हर देवता का एक प्रमुख और प्रिय मंत्र माना जाता है। भगवान शिव के लिए “ॐ नमः शिवाय” पंचाक्षरी मंत्र को सबसे शक्तिशाली और पवित्र मंत्रों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ इस मंत्र का जाप करते हैं, उन्हें भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि पंचाक्षरी मंत्र का सच्चे मन से जाप करने से व्यक्ति को दिव्य आशीर्वाद और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
🪔 इस दुर्लभ अधिक मास पूर्णिमा पर भगवान शिव को समर्पित 1,25,000 शिव पंचाक्षरी मंत्र जाप का विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सवा लाख पंचाक्षरी मंत्र जाप को अत्यंत पुण्यदायी और प्रभावशाली माना जाता है। यह अनुष्ठान जीवन की बड़ी बाधाओं को कम करने, मनोकामनाओं की पूर्ति और भगवान शिव की दिव्य कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।
🌕 इस मंत्र अनुष्ठान के साथ पूर्णिमा की पवित्र रात्रि पर चंद्र देव को 11 किलो पंचामृत चंद्र अर्घ्य अभिषेक भी अर्पित किया जाएगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा मन, भावनाओं, रिश्तों और मानसिक स्थिरता का कारक माना जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्र देव अपनी पूर्ण शक्ति में माने जाते हैं। ऐसे दुर्लभ संयोग में पंचामृत अर्घ्य अर्पित करना भावनात्मक अस्थिरता कम करने, चिंता शांत करने, मानसिक शांति बढ़ाने और परिवार व रिश्तों में सामंजस्य लाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
🪔 भगवान शिव और चंद्र देव की संयुक्त पूजा का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। शास्त्रों में चंद्र देव को भगवान शिव की जटाओं में विराजमान बताया गया है, जो शीतलता, भावनात्मक संतुलन और शांति का प्रतीक है। मान्यता है कि जब इस दुर्लभ पूर्णिमा रात्रि पर शिव पूजा और चंद्र उपासना साथ में की जाती है, तब भक्तों को मानसिक शांति, रिश्तों में मधुरता, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक शक्ति का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होता है।
🌸 श्री मंदिर द्वारा आयोजित इस पवित्र महापूजा के माध्यम से भक्त अधिक मास पूर्णिमा के इस दुर्लभ अनुष्ठान में भाग लेकर भगवान शिव और चंद्र देव की कृपा से मानसिक संतुलन, पारिवारिक सुख, चिंता से राहत और जीवन में स्थायी शांति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। 🌸