🔱 महाशिवरात्रि भगवान श्री शिव को समर्पित सबसे पावन रात्रि मानी जाती है। आदियोगी, परिवर्तन के सर्वोच्च स्रोत और कर्मों के महान शुद्धिकर्ता भगवान शिव की यह रात्रि आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि की रात्रि में श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई उपासना सीधे भगवान श्री शिव तक पहुँचती है। इसी कारण यह रात्रि कर्म शुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और हृदय से की गई कामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष महत्व रखती है।
🔱 इस पावन अवसर पर श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में की गई उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर, पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है और परंपरागत रूप से पूर्व कर्मों के शोधन तथा सच्ची कामनाओं की पूर्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन यहाँ किया गया प्रत्येक मंत्र जप, अभिषेक और अर्पण कई गुना आध्यात्मिक फल प्रदान करता है।
🌊 1,25,000 नर्मदेश्वर पार्थेश्वर शिवलिंग महारुद्राभिषेक: एक दुर्लभ महाशिवरात्रि भेंट
🔱 इस अनुष्ठान का मुख्य आकर्षण 1,25,000 नर्मदेश्वर पार्थेश्वर शिवलिंग महारुद्राभिषेक है, जो एक भव्य और दुर्लभ वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। यह पूजन पवित्र नर्मदा नदी से प्राप्त प्राकृतिक रूप से निर्मित नर्मदेश्वर शिवलिंगों के साथ संपन्न किया जाता है। इन नर्मदेश्वर शिवलिंगों के साथ साथ नर्मदा तट की पावन मिट्टी से हस्तनिर्मित पार्थेश्वर शिवलिंगों की भी श्रद्धापूर्वक पूजा की जाएगी। ऐसी मान्यता है कि ये शिवलिंग स्वयं भगवान श्री शिव की जीवंत उपस्थिति का प्रतीक होते हैं, इसलिए इन्हें अत्यंत श्रद्धा और आदर के साथ पूजित किया जाता है। महारुद्राभिषेक के दौरान प्रत्येक शिवलिंग का अभिषेक पवित्र द्रव्यों जैसे गंगाजल, दूध, दही, शहद, घृत तथा अन्य समर्पित सामग्री से किया जाता है, जबकि ज्योतिर्लिंग परिसर में वैदिक रुद्र मंत्रों का निरंतर उच्चारण गूँजता रहता है।
🔱 यह महारुद्राभिषेक एक अत्यंत शक्तिशाली आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करता है, जो संचित कर्मों की शुद्धि और भक्त के संकल्प को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है। इस महाशिवरात्रि पूजा को विशेष बनाने वाला पक्ष यह है कि इस महारुद्राभिषेक में अभिमंत्रित किया गया एक नर्मदेश्वर शिवलिंग आपके घर तक भेजा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन अभिमंत्रित नर्मदेश्वर शिवलिंग का गृह प्राप्त होना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे आप दैनिक पूजा कर सकते हैं और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा महाशिवरात्रि की दिव्य ऊर्जा से निरंतर जुड़े रह सकते हैं।
🌟 श्री मंदिर के माध्यम से इस दुर्लभ और शक्तिशाली महाशिवरात्रि पूजा का हिस्सा बनें और अपने घर पर अभिमंत्रित नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राप्त करने का यह पावन अवसर न चूकें।