भगवान शिव को शाश्वत रोग निवारक माना जाता है, जो प्राण (जीवन शक्ति), दीर्घायु और आंतरिक स्थिरता पर नियंत्रण रखते हैं। जब स्वास्थ्य समस्याएं कोशिशों के बावजूद बनी रहें, तो शास्त्र शिव को सच्चे मंत्र साधना से समर्पित करने की सलाह देते हैं। सभी शिव मंत्रों में महामृत्युंजय मंत्र बीमारी, डर और असमय कष्टों से रक्षा के लिए सबसे शक्तिशाली प्रार्थना है।
🕉️ महामृत्युंजय मंत्र को “जीवन का मंत्र” कहा जाता है। प्राचीन ग्रंथ बताते हैं कि देवता भी रोग और जीवन खतरे से मुक्ति के लिए इसे जपते थे। इसका जाप सूक्ष्म नकारात्मकता साफ करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है, तथा शारीरिक और मानसिक पुनर्प्राप्ति में मदद करता है। इस पूजा में स्वास्थ्य, ऊर्जा और सहनशक्ति के लिए केंद्रित संकल्प के साथ 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप किया जाता है।
🌿 उपचार इरादों को और मजबूत करने के लिए आरोग्य मूर्ति धन्वंतरि शक्ति हवन किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उनकी आरोग्य मूर्ति की पूजा पुनर्प्राप्ति में सहायता करती है, बार-बार बीमारी से रक्षा देती है और शारीरिक संतुलन लाती है।
🔱 जब ज्योतिर्लिंग पर ऐसी पवित्र साधनाएं अर्पित की जाती हैं, तो उनकी आध्यात्मिक शक्ति बढ़ जाती है। ज्योतिर्लिंग भगवान शिव की अनंत ऊर्जा के जीवंत रूप हैं, सदियों की भक्ति से पवित्र। इन पवित्र स्थलों पर मंत्र जाप और हवन भगवान तक तेजी से पहुंचते हैं, भक्त की प्रार्थनाओं को महादेव तक सीधे ले जाते हैं।
✨ यह 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप और आरोग्य मूर्ति धन्वंतरि शक्ति हवन स्वास्थ्य, रक्षा और दीर्घकालिक कल्याण की सच्ची प्रार्थना है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो पुनर्प्राप्ति, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता या शरीर, मन और आत्मा की स्थिरता चाहते हैं।
🌸 श्रीमंदिर के माध्यम से भाग लेकर आप इस पवित्र उपचार साधना से जुड़ें, ज्योतिर्लिंग पर संकल्प अर्पित करें और भगवान शिव व भगवान धन्वंतरि की दयालु कृपा से स्वास्थ्य व सामंजस्य पाएं।