सनातन धर्म में माँ लक्ष्मी को धन, स्थिरता, सुख और मानसिक शांति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। जब जीवन में आर्थिक रुकावटें आने लगती हैं, अवसर धीमे हो जाते हैं या मेहनत के बाद भी धन टिक नहीं पाता, तब शास्त्रों में मंत्र जाप, पूजा और हवन के साथ की गई लक्ष्मी साधना को अत्यंत प्रभावशाली बताया गया है।
इसी पावन भावना के साथ भक्तों को 11,000 महालक्ष्मी मंत्र जाप, वैभव लक्ष्मी पूजा और विशेष 11 किलो बेलगिरी हवन में भाग लेने का दिव्य अवसर दिया जा रहा है। यह संयुक्त अनुष्ठान धन के मार्ग में आने वाली बाधाओं को शांत करने, समृद्धि के प्रवाह को बढ़ाने और जीवन में स्थायी उन्नति लाने की भावना से किया जाता है।
शुक्रवार का दिन माँ लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा धन वृद्धि, कर्ज से राहत और भौतिक स्थिरता से जुड़े कार्यों में शीघ्र शुभ फल देती है। जब यह पूजा शक्तिशाली महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर में की जाती है, तब इसका आध्यात्मिक प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ माँ लक्ष्मी अंबाबाई रूप में विराजमान हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार स्वयं सूर्य देव भी यहाँ अपनी किरणों से माँ को प्रणाम करते हैं, जो इस मंदिर की दिव्य ऊर्जा को दर्शाता है।
इस अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण भाग 11 किलो बेलगिरी हवन है। बेलगिरी को अत्यंत सात्विक और पवित्र माना जाता है। जब इसे महालक्ष्मी मंत्रों के साथ अग्नि में अर्पित किया जाता है, तब यह दरिद्रता से जुड़े कर्मों, आर्थिक अस्थिरता और रुकी हुई समृद्धि को दूर करने की भावना से किया जाता है। हवन की अग्नि भक्तों की प्रार्थना को देवी तक पहुँचाने का माध्यम बनती है, वहीं बेलगिरी शुद्धता, निरंतर वृद्धि और स्थायी धन का प्रतीक मानी जाती है। इतनी बड़ी मात्रा में हवन करने से संकल्प की शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह और अधिक मजबूत होता है।
शास्त्रों के अनुसार 11,000 महालक्ष्मी मंत्र जाप, वैभव लक्ष्मी पूजा और विधि-पूर्वक हवन का यह संगम एक शक्तिशाली आध्यात्मिक चक्र बनाता है। वैभव लक्ष्मी माँ लक्ष्मी के आठ रूपों में से एक हैं, जिनकी उपासना केवल अचानक धन के लिए नहीं, बल्कि ऐसा धन प्राप्त करने के लिए की जाती है जो टिके, बढ़े और जीवन में सुख दे। श्रद्धा से किया गया यह अनुष्ठान पुराने आर्थिक तनाव को कम करने, नए अवसर देने और जीवन में स्थायी उन्नति का मार्ग बनाने की भावना से जुड़ा है। यह पूजा केवल धन प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि संतुलन, आत्मविश्वास और जीवन में आनंद वापस लाने के लिए भी की जाती है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस दिव्य अनुष्ठान में भाग लेकर आप माँ लक्ष्मी से धन, कर्ज से राहत, स्थिरता और समग्र प्रगति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। माँ अंबाबाई आपके घर को सुख, शांति और अखंड समृद्धि से भर दें।