शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन की गई पूजा से जीवन में धन, सुख और समृद्धि के द्वार खुलने की कामना की जाती है। वैशाख कृष्ण अष्टमी के पावन दिन भक्तों के लिए एक दिव्य अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है, जो माता महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर है।
इस विशेष अनुष्ठान का आयोजन महालक्ष्मी अंबाबाई शक्तिपीठ में किया जा रहा है। यह शक्तिपीठ देश के प्रमुख और पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है, जहाँ माता लक्ष्मी स्वयं विराजमान हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना मां लक्ष्मी तक विशेष रूप से पहुंचती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है।
इस पावन अनुष्ठान में 11,000 महालक्ष्मी मंत्र जाप, वैभव लक्ष्मी पूजा और 11 किलो बेलगिरी से धन-समृद्धि हवन किया जाएगा। महालक्ष्मी मंत्रों का जाप मन और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। जब यह जाप 11,000 बार किया जाता है, तो इसकी शक्ति और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही वैभव लक्ष्मी पूजा की जाएगी, जो माता लक्ष्मी के उस स्वरूप को समर्पित है जो जीवन में सुख, ऐश्वर्य और सम्मान प्रदान करने वाली मानी जाती हैं। मंत्र जाप और पूजा के बाद हवन किया जाएगा। इस हवन में 11 किलो बेलगिरी की आहुति दी जाएगी, जो एक पवित्र और शुभ सामग्री मानी जाती है। मान्यता है कि इस हवन से वातावरण शुद्ध होता है और जीवन में चल रही आर्थिक रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
यह अनुष्ठान न केवल धन प्राप्ति की कामना से जुड़ा है, बल्कि जीवन में स्थिरता, संतुलन और खुशियों के मार्ग को खोलने की भावना से भी किया जाता है और जब यह अनुष्ठान कोल्हापुर जैसे शक्तिपीठ में होता है, तो स्थान की पवित्रता के कारण इसका पुण्य फल और अधिक मिलता है।
आप भी श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में शामिल होकर माता महालक्ष्मी से अपने और अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि, धन वृद्धि और उन्नति की प्रार्थना कर सकते हैं।🙏