हनुमान जन्मोत्सव का पावन दिन भगवान हनुमान की भक्ति और उनकी कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के इस विशेष दिन पर हनुमान जी की उपासना करने से जीवन में बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति की कामना की जाती है। हनुमान जी को संकट मोचन कहा जाता है, यानी वे अपने भक्तों के जीवन से सभी कठिनाइयों और परेशानियों को दूर करने वाले देवता हैं।
इस विशेष अवसर पर अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर में 11,000 हनुमान मूल मंत्र जाप, सुंदरकांड पाठ और कलेश विकार यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। मान्यता है कि यह वही पवित्र स्थान है जहाँ हनुमान जी स्वयं विराजमान होकर भगवान राम की नगरी की रक्षा करते हैं। इसलिए इस मंदिर में की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है और यहाँ की गई प्रार्थना भगवान तक विशेष रूप से पहुँचती है।
हनुमान मूल मंत्र का जाप मन और जीवन को शक्ति व स्थिरता देता है। जब 11,000 बार इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है, तो इसकी शक्ति और भी बढ़ जाती है। इसके साथ ही इस अनुष्ठान में सुंदरकांड पाठ भी किया जाएगा, जिसमें भगवान राम और हनुमान जी की भक्ति व पराक्रम का वर्णन है। यह पाठ व्यक्ति के अंदर साहस, विश्वास और सकारात्मक सोच को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा कलेश विकार यज्ञ के माध्यम से जीवन में चल रही परेशानियों, मानसिक तनाव और नकारात्मक भावनाओं को शांत करने की प्रार्थना की जाती है। यह यज्ञ वातावरण को शुद्ध करता है और मन को शांत बनाता है।
हनुमान गढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर किया गया यह अनुष्ठान भक्तों को हनुमान जी की रक्षक ऊर्जा से जोड़ता है। जो भी भक्त इस पूजा में शामिल होते हैं, वे अपने और अपने परिवार के लिए शक्ति, सुरक्षा और सकारात्मकता का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। साथ ही हनुमान जी के आशीर्वाद से भक्तों के जीवन की कठिनाईयां धीरे-धीरे दूर होती हैं और उन्हें विशेष शक्ति का अहसास होता है। साथ ही इस विशेष अनुष्ठान से भक्तों की बौद्धिक क्षमता मजबूत होती है और उन्हें पढ़ाई-लिखाई या करियर में आगे बढ़ने में आसानी होती है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेकर आप भी हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन में साहस, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत कर सकते हैं और अपने जीवन की परेशानियों को दूर कर सकते हैं।🙏