💰सनातन धर्म में माता लक्ष्मी को धन, सुख और समृद्धि की देवी माना जाता है, वहीं भगवान कुबेर को धन के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। जब मेहनत के बावजूद आर्थिक प्रगति रुक जाए, कर्ज बढ़ने लगे या आय स्थिर न रहे, तो यह जीवन में आर्थिक संतुलन की आवश्यकता का संकेत माना जाता है। ऐसे समय में माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की संयुक्त पूजा बहुत प्रभावशाली मानी जाती है। शुक्रवार का दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन की गई पूजा न केवल धन, बल्कि घर में शांति और सकारात्मकता भी लाती है।
💰इसी भावना के साथ उज्जैन के पवित्र गजलक्ष्मी मंदिर में एक विशेष व्यक्तिगत LIVE लक्ष्मी प्राप्ति पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस पूजा में व्यक्तिगत संकल्प लिया जाता है, जिसमें पंडित जी साधक के नाम और गोत्र से पूजा करते हैं, जिससे पूजा का फल सीधे उस व्यक्ति तक पहुंचता है।
💰इस विशेष अनुष्ठान का मुख्य भाग है कनकधारा स्तोत्र का 11 बार पाठ। मान्यता है कि यह स्तोत्र आदि शंकराचार्य जी द्वारा रचा गया था, जिससे प्रसन्न होकर माता लक्ष्मी ने स्वर्ण वर्षा की थी। आज भी यह स्तोत्र धन और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए बहुत प्रभावशाली माना जाता है। इसके साथ ही माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर के 108 नामों का फूलों के साथ अर्चन किया जाएगा, जिससे दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है और पूजा और भी विशेष बन जाती है।
💰आज के समय में कई लोग मेहनत के बावजूद आर्थिक परेशानियों का सामना करते हैं - पैसा टिक नहीं पाता, व्यापार में रुकावटें आती हैं या सही अवसर नहीं मिलते। ऐसे में यह पूजा केवल धन पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, शांति और सही दिशा लाने का एक पवित्र प्रयास मानी जाती है।
💰श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष व्यक्तिगत लक्ष्मी प्राप्ति पूजा में भाग लेकर आप भी माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। यह पूजा जीवन में धन, करियर और व्यापार में वृद्धि के साथ-साथ कर्ज से राहत और स्थिरता लाने में सहायक मानी जाती है।🙏