सनातन परंपरा में माँ लक्ष्मी को धन, सुख और समृद्धि की देवी माना जाता है और भगवान कुबेर को धन के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। जब जीवन में मेहनत के बाद भी धन की वृद्धि रुकने लगे, कर्ज बढ़ने लगे या आय में स्थिरता न रहे, तो यह संकेत माना जाता है कि जीवन में आर्थिक संतुलन की आवश्यकता है। ऐसे समय में देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की संयुक्त पूजा को बहुत प्रभावशाली माना गया है। शुक्रवार का दिन माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किया गया यह विशेष अनुष्ठान धन के साथ-साथ परिवार में सुख-शांति और सकारात्मकता लाने की भावना से जुड़ा होता है।
इसी भावना के साथ विशेष रूप से व्यक्तिगत LIVE लक्ष्मी प्राप्ति पूजा का आयोजन उज्जैन के पवित्र गजलक्ष्मी मंदिर में किया जा रहा है। यह पूजा व्यक्तिगत संकल्प के साथ की जाती है, जिसमें पंडित जी द्वारा साधक के नाम और गोत्र से संकल्प लिया जाता है, ताकि पूजा का आशीर्वाद सीधे उस व्यक्ति तक पहुँचे।
इस विशेष अनुष्ठान का मुख्य भाग है कनकधारा स्तोत्र का 11 बार पाठ। मान्यता है कि यह स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा गहन भक्ति के साथ किया गया था, जिससे प्रसन्न होकर माँ लक्ष्मी ने स्वर्ण वर्षा की थी। आज भी यह स्तोत्र धन और समृद्धि को आकर्षित करने वाला माना जाता है। इसके साथ इस पूजा में माँ लक्ष्मी और भगवान कुबेर के 108 नामों का उच्चारण फूलों के साथ किया जाएगा। यह संयुक्त अर्चन इस पूजा को और भी विशेष बनाता है, क्योंकि इसमें धन की देवी और धन के रक्षक दोनों की कृपा प्राप्त करने की भावना जुड़ी होती है।
आज के समय में कई लोग कड़ी मेहनत के बावजूद आर्थिक परेशानियों से गुजरते हैं- कभी पैसा अटक जाता है, कभी व्यापार में रुकावट आती है, तो कभी करियर में सही अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे समय में यह पूजा केवल धन पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में स्थिरता, शांति और सही दिशा पाने का एक पवित्र प्रयास मानी जाती है।
श्री मंदिर के माध्मय से इस विशेष व्यक्तिगत लक्ष्मी प्राप्ति पूजा में सहभागी बनकर आप भी मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा से अपार धन-समृद्धि, करियर और व्यापार में वृद्धि और कर्ज से राहत पाने का रास्ता खोज सकते हैं।🙏