💫 वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को विवाह, पारिवारिक सुख, ज्ञान और संतान प्राप्ति का प्रमुख कारक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु की कृपा से वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है, विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और दंपत्तियों को संतान सुख का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु कमजोर या अशुभ प्रभाव में होता है, तब विवाह में बार-बार देरी, रिश्तों में अस्थिरता या संतान से जुड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
💫 2 जून 2026 को एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, क्योंकि लगभग 12 साल बाद गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कर्क राशि में गुरु अत्यंत शक्तिशाली माने जाते हैं और इस समय उनकी शुभ ऊर्जा कई गुना अधिक प्रभावशाली हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दुर्लभ गुरु गोचर विवाह सुख, पारिवारिक खुशहाली और संतान प्राप्ति के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
💫 मान्यता है कि उच्च गुरु गोचर के दौरान किए गए मंत्र जाप, यज्ञ और गुरु संबंधित अनुष्ठानों का प्रभाव अत्यंत शुभ और फलदायी होता है। इसी कारण इस समय गुरु देव की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा और हवन करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
🔥 इसी पावन अवसर पर उज्जैन की पवित्र भूमि में “11 ब्राह्मण गुरु गोचर विवाह कामना पूर्ति एवं संतान प्राप्ति 51,000 आहुति महायज्ञ” का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष वैदिक अनुष्ठान में विद्वान ब्राह्मण देवगुरु बृहस्पति को समर्पित वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए 51,000 पवित्र आहुतियां अर्पित करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उच्च गुरु गोचर के दौरान किया गया हवन विवाह से जुड़ी बाधाओं को शांत करने, पारिवारिक ऊर्जा को सकारात्मक बनाने और संतान प्राप्ति के लिए दिव्य कृपा प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।
💫 उज्जैन को प्राचीन समय से ग्रह पूजा और वैदिक अनुष्ठानों का अत्यंत पवित्र केंद्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र भूमि पर गुरु संबंधित पूजा और यज्ञ करने से पूजा का शुभ फल कई गुना बढ़ जाता है। भक्त इस विशेष अनुष्ठान में भाग लेकर योग्य विवाह संबंध, परिवार में सुख-शांति और संतान सुख की कामना करते हैं।
🌼 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब गुरु मजबूत होते हैं, तब व्यक्ति के जीवन में केवल विवाह और संतान सुख ही नहीं, बल्कि मानसिक स्थिरता, पारिवारिक सामंजस्य और सकारात्मक सोच भी बढ़ने लगती है। यही कारण है कि गुरु की कृपा को जीवन की स्थायी खुशहाली और संतुलन का आधार माना जाता है।
🪔 यह विशेष महायज्ञ उन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है जो लंबे समय से विवाह में देरी, रिश्तों में रुकावट या संतान प्राप्ति से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हों। मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ इस पूजा में भाग लेने से गुरु देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में शुभ परिवर्तन आने लगते हैं।
🙏 यदि आप भी इस 12 साल में एक बार बनने वाले दुर्लभ गुरु गोचर महायोग के दौरान विवाह, पारिवारिक सुख और संतान प्राप्ति के लिए देवगुरु बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो श्री मंदिर के माध्यम से इस पवित्र महायज्ञ में भाग लेकर गुरु देव की दिव्य कृपा प्राप्त कर सकते हैं। 🙏