बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है, जिन्हें बुद्धि, सफलता और बाधाओं को दूर करने वाला देवता कहा जाता है। जब व्यापार या करियर में बार-बार रुकावटें आती हैं, मेहनत के बाद भी मनचाहा परिणाम नहीं मिलता या आर्थिक वृद्धि रुक जाती है, तब भगवान गणेश के साथ माता लक्ष्मी की पूजा बहुत लाभकारी मानी जाती है। माता लक्ष्मी जहां धन, समृद्धि और सुख देती हैं, वहीं भगवान गणेश सफलता के मार्ग की बाधाओं को दूर करते हैं।
इसी पवित्र भावना के साथ उज्जैन के प्रसिद्ध श्री चिंतामन गणेश मंदिर में 108 नारियल लक्ष्मी-गणेश व्यापार वृद्धि पूर्णाहुति हवन का आयोजन किया जा रहा है। यह स्थान भगवान गणेश की विशेष कृपा के लिए जाना जाता है, जहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना जल्दी फल देने वाली मानी जाती है।
सनातन परंपरा में नारियल को बहुत पवित्र फल माना गया है। एक प्राचीन कथा के अनुसार, जब राजा सत्यव्रत ने अपने शरीर सहित स्वर्ग जाने की इच्छा की, तब देवताओं ने उन्हें रोक दिया। उस समय ऋषि विश्वामित्र ने अपनी तपस्या से स्वर्ग तक का एक दिव्य मार्ग बनाया, और उस मार्ग का आधार पवित्र नारियल का पेड़ बना। इसलिए नारियल को ऐसा फल माना जाता है जो हमारी प्रार्थना और संकल्प को सीधे देवताओं तक पहुंचाता है; और यही कारण है कि हर पूजा, अनुष्ठान, हवन और यज्ञ में इसका उपयोग किया जाता है। हवन में नारियल अर्पित करने से जीवन की परेशानियाँ कम होती हैं, नकारात्मकता दूर होती है और शांति, पवित्रता तथा दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।
इस विशेष पूजा में केवल एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 108 नारियल आपके नाम, गोत्र और संकल्प के साथ हवन में अर्पित किए जाएंगे, जिससे यह अनुष्ठान और भी प्रभावशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है। इस हवन के दौरान भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप, पवित्र अग्नि में आहुति और पूरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना की जाती है। मान्यता है कि इससे जीवन में रुकी हुई प्रगति फिर से चलने लगती है, व्यापार में नए अवसर आते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगता है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में जुड़कर आप भी अपने व्यापार और करियर में सफलता, स्थिरता और समृद्धि के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।🙏