🔸गुप्त नवरात्रि के शुभ अवसर पर श्री मंदिर हरिद्वार के शक्तिशाली बगलामुखी सिद्धपीठ से दुर्लभ 1:1 लाइव बगलामुखी पूजा प्रस्तुत कर रहा है। यह पूजा विशेष रूप से व्यक्तिगत भक्तों के लिए है, जिसमें पूरा अनुष्ठान आपके व्यक्तिगत संकल्प और प्रार्थना के अनुसार किया जाता है।
🔸 इस पूजा में पंडित जी आपका नाम और गोत्र लेकर आपको स्वयं संकल्प करने का अवसर देते हैं। आप निजी व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से पूजा में सीधे जुड़ते हैं और अपने घर से ही माँ बगलामुखी के अत्यंत जाग्रत स्थान पर हो रही पूजा का साक्षी बनते हैं। पूजा के दौरान यंत्र और प्रसाद आपके नाम से अभिमंत्रित किए जाते हैं और बाद में भारत में आपके पते पर भेजे जाते हैं। पूजा की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग अगले दिन आपको साझा की जाएगी।
🔸वहीं, यह पूजा गुप्त नवरात्रि में की जाती है, जिसका आध्यात्मिक महत्व अलग माना जाता है। मान्यता है कि इस समय की गई उपासना उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त होती है, जो छिपे विरोध, लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद, या ऐसे हालात से जूझ रहे हों जहाँ प्रयास के बावजूद परिणाम अटके हुए लगते हैं। इसी अवधि में माँ बगलामुखी की उपासना को विशेष फलदायी माना जाता है।
कानूनी मामलों और छिपे शत्रुओं से राहत के लिए माँ बगलामुखी की पूजा क्यों करें?
🔸 माँ बगलामुखी की पूजा स्थिर करने वाली शक्ति के लिए की जाती है—जो नकारात्मकता को रोकती है और हानिकारक कार्यों पर नियंत्रण लाती है। जब विरोध अधिक हो, सत्य पर प्रश्न उठ रहे हों, या कानूनी स्थितियों में स्थिरता चाहिए, तब भक्त माँ की शरण लेते हैं। यह उपासना आक्रामकता नहीं, बल्कि नियंत्रण, स्पष्टता और सुरक्षा से जुड़ी मानी जाती है।
🔸यह पूजा बगलामुखी सिद्धपीठ, हरिद्वार में की जाती है, जिसे ऐसा स्थान माना जाता है, जहाँ देवी की उपस्थिति विशेष रूप से सक्रिय रहती है। जब समस्याएँ सामान्य उपायों से परे लगें- खासकर कानूनी विवाद, शत्रुता और लगातार विरोध के मामलों में तो भक्त इस पीठ का रुख करते हैं। यहाँ की पूजा परंपरागत विधि और स्पष्ट उद्देश्य के साथ की जाती है।
🔸 एक सच्ची 1:1 पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिदिन बहुत सीमित संख्या में ही ऐसी पूजाएँ की जाती हैं। इस पूजा की दक्षिणा ₹21,000 (सभी शुल्क सहित) है।
🔸आस्था की यात्रा में समय का विशेष महत्व होता है। गुप्त नवरात्रि माँ बगलामुखी की कृपा पाने का वर्ष का सबसे प्रभावी समय माना जाता है। इन दिनों के बाद यह विशेष जाग्रत ऊर्जा अगले वर्ष ही पुनः उपलब्ध होती है। अपने संकल्प को टालें नहीं, अभी माँ की शरण में जाएँ, सीधे जुड़ें और उनकी कृपा से विजय, स्थिरता और विश्वास के पथ पर आगे बढ़ें।