सावन की शक्ति और भगवान शिव की कृपा से पाएं जीवन में संतुलन और आंतरिक मजबूती का आशीर्वाद 🔱
कई बार इंसान अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पर्याप्त संसाधन और सही दिशा तो ढूंढ लेता है लेकिन उसे पूरा करने का इरादा आधे रास्ते में ही छोड़ देता है। अस्पष्टता और आंतरिक उठा-पटक इस हद तक बढ़ जाती है कि सामने दिख रही सफलता भी बहुत दूर नज़र आती है। मानसिक अशांति और कलेशों के जाल में फंसकर वह इतना मजबूर हो जाता है कि उससे अपनी खुशहाली और तरक्की संभाली नहीं जाती। धीरे-धीरे हालात ऐसे बन जाते हैं कि कुछ समझ नहीं आता कि जीवन रूपी गाड़ी किस दिशा में बढ़ रही है और इसका समाधान कैसे निकलेगा?
यदि आप भी इसी तरह की अस्पष्टता, आंतरिक कमजोरी और कमजोर इरादे की मानसिकता से परेशान हैं तो सावन महीने की पवित्र शुरुआत आपके दुखों का अंत कर सकती है। श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में आयोजित होने जा रही यह संकल्प एवं रुद्रम पूजा आराधक को आंतरिक मजबूती और प्रतिबद्धता बढ़ाने के लिए जानी जाती है। माना जाता है कि शिव जी का प्रिय सावन महीना ऐसे अनुष्ठानों का फल कई गुना बढ़ा देता है। शक्ति और सृष्टि को समाहित करने वाले भगवान शिव याचक को तरक्की और आंतरिक सुकून का दिव्य आशीष प्रदान करते हैं।
🛕 श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में ही सावन प्रवेश संकल्प एवं रुद्रम पूजा क्यों?
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के किनारे है और इसका महत्व हिंदू धर्म में अतुलनीय है। सावन महीने में यहां किए गए अनुष्ठान, याचक को भ्रम से निकालकर समृद्धि और शांति का आशीर्वाद देते हैं। इस संकल्प एवं रुद्रम पूजा के माध्यम से भगवान शिव की असीम शक्ति को जागृत किया जाता है और उनसे जीवन में व्याप्त दुखों को दूर करने की विनती की जाती है। भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग धाम में आयोजित होने जा रही यह पूजा उन लोगों के लिए एक विशेष अवसर है, जो अस्पष्टता और आंतरिक शक्ति से कमजोर हो चुके हैं और उन्हें आशा की कोई भी किरण दूर-दूर तक नज़र नहीं आ रही।
श्री मंदिर के माध्यम से आप भी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सावन प्रवेश संकल्प एवं रुद्रम पूजा में भाग ले सकते हैं। 🔱