📿हनुमान जी को रामभक्ति का साक्षात स्वरूप माना जाता है। उन्हें राम नाम अत्यंत प्रिय है, इसलिए राम नाम से जपी हुई पीपल की माला हनुमान जी को अर्पित करना विशेष फलदायी है। पीपल वृक्ष को सनातन धर्म में बेहद पवित्र माना गया है और इसमें दिव्य ऊर्जा का वास होता है। जब पीपल की माला पर चंदन इत्यादि से ‘राम’ नाम का लिखा है, तो उसे अर्पित करने पर हनुमान जी अति प्रसन्न होते हैं।
📿मंगलवार को उज्जैन के श्री मायापति हनुमान मंदिर में विशेष राम नाम की पीपल माला अर्पण से शनि दोष, नकारात्मकता और भय से रक्षा होती है। विद्वान मानते हैं कि यह अनुष्ठान साहस और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। मान्यता है कि शनि साढ़ेसाती जैसे ग्रह दोष, रोग और बाधाओं से रक्षा के द्वार खुलते हैं।
📿सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी को समर्पित माना जाता है। हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त हैं और उन्हें राम नाम अत्यंत प्रिय है। रावण की लंका में जब हनुमान जी ने शनिदेव को मुक्त कराया था, तब से वह शनि दोषों से राहत के लिए भी पूजे जाते हैं। ऐसे में मंगलवार के दिन 1008 बार राम नाम अंकित पीपल की माला हनुमान जी को अर्पित करना एक विशेष और प्रभावशाली साधना है। पीपल वृक्ष को देवताओं का वासस्थल कहा गया है और इसकी माला में सकारात्मक तथा दिव्य ऊर्जा समाहित मानी जाती है। यह अनुष्ठान जीवन में ग्रह दोषों की शांति के साथ उन्नति की राह बना सकता है।
📿मान्यता है कि 1008 राम नाम से युक्त पीपल माला अर्पण करने से शनि दोष के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। शनि से जुड़े भय, मानसिक दबाव, रुकावटें और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। यह साधना विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है जो अनजाने भय, नकारात्मक विचार, कष्ट या अस्थिरता से ग्रस्त रहते हैं।
📿मंगलवार को श्रद्धा और नियमपूर्वक यह अर्पण करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हनुमान जी शनि देव के प्रभाव से रक्षा करने वाले देवता माने जाते हैं। उनकी कृपा से आत्मबल, साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है तथा जीवन में सुरक्षा और स्थिरता का भाव आता है। राम नाम की शक्ति और पीपल की पवित्रता मिलकर भक्त को भयमुक्त और दोषरहित जीवन की ओर अग्रसर करती है। उज्जैन के श्री मायापति हनुमान मंदिर की ऊर्जा इस अनुष्ठान को कहीं ज्यादा फलदायी बना देती है। श्री मंदिर द्वारा इस महापूजा में भाग लें और शनि दोष और भय से मुक्ति पाने का आध्यात्मिक मार्गदर्शन पाएं।