💛 कभी-कभी जीवन में मेहनत के बावजूद हमारी इच्छित चीजें पूरी नहीं होतीं। पैसा, समय और साधन हमेशा कम लगते हैं, और मन में हल्की चिंता और बेचैनी बनी रहती है। ऐसे समय में रुककर अपने मन और जीवन की दिशा पर ध्यान देना जरूरी होता है। यही वह क्षण होता है जब भक्ति और साधना हमारे भीतर स्थिरता और शांति लाने में मदद करती है।
✨ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी ऐसे समय में जीवन में संतुलन और समृद्धि लाने वाले साथी माने गए हैं। भगवान विष्णु मार्गदर्शन और सुरक्षा का अनुभव कराते हैं, जबकि माता लक्ष्मी धन, वैभव और संतोष का भाव लाती हैं। दोनों की उपासना से मन और जीवन में हल्की राहत मिलती है और हम अपनी इच्छाओं और जरूरतों को ध्यानपूर्वक समझकर उन्हें समर्पित कर सकते हैं।
🌟 एकादशी ऐसे ही पावन अवसरों में से एक है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन की साधना केवल पूजा नहीं होती, बल्कि यह जीवन में रुकी हुई ऊर्जा को बहाने और नए सिरे से शुरुआत करने का अवसर बनती है। भक्ति और श्रद्धा के साथ किए गए मंत्र और प्रार्थना हृदय को शांति और संतुलन देते हैं।
💛 साल की पहली एकादशी इसे और भी खास बनाती है। माना जाता है कि इस दिन की गई साधना पूरे वर्ष की दिशा को प्रभावित करती है। यही कारण है कि पहली एकादशी को धन, वैभव और स्थिरता के लिए शुभ समय माना जाता है। यह दिन मन और जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का अनुभव कराने वाला होता है।
🌊 इसी भाव से इस वर्ष आयोजित की जा रही है “पहली एकादशी विष्णु-लक्ष्मी धन एवं प्रचुरता विशेष” पूजा। इस अनुष्ठान में 1008 कनकधारा स्तोत्र पाठ, विष्णु सहस्रनाम पाठ और श्री सूक्तम हवन होंगे। कनकधारा स्तोत्र इच्छाओं और जरूरतों की शांति के लिए प्रार्थना है। विष्णु सहस्रनाम पाठ जीवन में स्थिरता और सुरक्षा जोड़ता है। श्री सूक्तम हवन माता लक्ष्मी से संतोष, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव देता है।
🌊 यह पूजा त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित होगी। संगम का शांत वातावरण और बहती नदियों की धारा मंत्रों के साथ मिलकर अनुभव को और गहरा बनाती है। यह अवसर उन लोगों के लिए है जो अपने मन की चिंताओं, इच्छाओं और आशाओं को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के चरणों में श्रद्धा और भक्ति के साथ अर्पित करना चाहते हैं।
🙏श्री मंदिर के माध्यम से आप इस अनुष्ठान में सहभागी बनकर अपने मन की इच्छाओं, भावनाओं और आशाओं को इस पावन अनुभव के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं।