हनुमान जी की पूजा से शनि के सभी अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, शनिदेव को रावण ने लंका में बंदी बनाया था, तब हनुमान जी ने ही शनिदेव को मुक्त कराया था। उस समय शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि उनके अशुभ प्रभाव बजरंगबली को भक्तों पर नहीं पड़ेंगे। यही कारण है कि आज कलयुग में भी लोग हनुमान जी की पूजा कर कुंडली में मौजूद शनि की महादशा, साढेसाती एवं ढैय्या से छुटकारा मिलता है।
हनुमान जी के साथ शनिदेव की कृपा पाने के लिए हनुमान जयंती का दिन बेहद शुभ माना गया है। इसलिए इस विशेष दिन पर 1008 हनुमान मंत्र जाप और सुंदरकांड पाठ का आयोजन अयोध्या में स्थित श्री हनुमान गढ़ी मंदिर में किया जा रहा है। दिनांक 23 अप्रैल 2024, को पूर्णिमा पर होने वाली इस पूजा में श्री मंदिर के माध्यम से अवश्य भाग लें और शनिदोष से मुक्ति पाएं।