आज के समय में जीवन की जिम्मेदारियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक दबाव, भविष्य की अनिश्चितता और पारिवारिक आवश्यकताएँ कई बार मन को भीतर से थका देती हैं। निरंतर प्रयासों के बाद भी जब वित्तीय स्थिरता दूर प्रतीत होने लगे, तब चिंता और मानसिक असंतुलन स्वाभाविक हो जाता है। ऐसे समय में गुप्त नवरात्रि की साधना को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। गुप्त नवरात्रि वह काल है, जब देवी शक्ति सूक्ष्म रूप से साधक के जीवन में कार्य करती हैं और भीतर जमी हुई थकान, भय और अस्थिरता को शांत करने का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
यह समय बाहरी दिखावे से दूर रहकर आंतरिक संतुलन, धैर्य और विश्वास को पुनः स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। इसी क्रम में गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि को विशेष रूप से सिद्धि, स्थिरता और फलदायी साधना का दिन माना जाता है। मान्यता है कि अष्टमी के दिन की गई देवी उपासना साधक के संकल्पों को ऊर्जा प्रदान करती है और जीवन में रुके हुए प्रवाह को धीरे धीरे सक्रिय करने में सहायक बनती है। इसी भावना के साथ 2026 में वित्तीय बोझ से राहत, मानसिक शांति और जीवन में संतुलन की कामना हेतु गुप्त नवरात्रि अष्टमी पर एक विशेष देवी साधना का आयोजन किया जा रहा है।
इस पावन अनुष्ठान में महालक्ष्मी माता और तुलसी माता की विशेष पूजा की जाती है। महालक्ष्मी माता को धन, समृद्धि और स्थिरता की अधिष्ठात्री माना जाता है, जबकि तुलसी माता घर, मन और वातावरण को पवित्र तथा संतुलित रखने की शक्ति प्रदान करती हैं। इनके मंत्रोच्चार और अर्चना से मन में विश्वास जागृत होता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। ऐसा माना जाता है कि जब साधना अष्टमी तिथि पर की जाती है, तब उसका प्रभाव और भी गहराई से अनुभव होता है।
गुप्त नवरात्रि अष्टमी के इस विशेष अवसर पर 1,00,008 तुलसी अर्चना तथा कोल्हापुर महालक्ष्मी 11 किलो घी श्री सूक्त महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह दिव्य अनुष्ठान हैदराबाद के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर और कोल्हापुर के शक्तिपीठ माँ महालक्ष्मी अम्बाबाई मंदिर में पारंपरिक वैदिक विधि से संपन्न होगा। इन पवित्र धामों में सम्पन्न यह गुप्त नवरात्रि अष्टमी साधना भक्तों को भीतर से स्थिर होने, आर्थिक चिंताओं से उबरने और मन में नया भरोसा जगाने का अनुभव प्रदान कर सकती है। मंत्रोच्चार और अर्चना के साथ जुड़ने पर जीवन की नकारात्मकता धीरे-धीरे शांत होने लगती है और आगे बढ़ने का साहस प्राप्त होता है।
श्री मंदिर के माध्यम से गुप्त नवरात्रि अष्टमी पर तुलसी अर्चना और महालक्ष्मी महायज्ञ में सहभागी बनकर इस विशेष साधना का अनुभव किया जा सकता है। यह अनुष्ठान उन सभी के लिए एक अवसर है, जो 2026 में आर्थिक स्थिरता, मानसिक शांति और संतुलित जीवन की कामना कर रहे हैं।