🔱 बगलामुखी जयंती का दिन माँ बगलामुखी की दिव्य शक्ति को जागृत करने का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं, जिन्हें स्तंभन शक्ति की देवी कहा जाता है- अर्थात वे शत्रुओं, नकारात्मक शक्तियों और विपरीत परिस्थितियों को रोकने और नियंत्रित करने की क्षमता रखती हैं। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर की गई पूजा कई गुना अधिक प्रभावशाली होती है और जीवन की कठिन परिस्थितियों को नियंत्रित करने में सहायक बनती है।
🔥 अग्नि के माध्यम से बाधाओं का नाश और दिव्य सुरक्षा का आह्वान
इस विशेष अवसर पर 100 किलो लाल मिर्च अग्नि आहुति महायज्ञ, बगलामुखी–प्रत्यंगिरा कवच अनुष्ठान और 1,25,000 मूल मंत्र जाप का आयोजन किया जा रहा है। परंपरा के अनुसार, अग्नि में लाल मिर्च अर्पित करना शत्रुओं की नकारात्मक सोच, बाधाओं और अदृश्य अवरोधों को समाप्त करने का प्रतीक माना जाता है।
✨ इस अनुष्ठान में माँ बगलामुखी और माँ प्रत्यंगिरा दोनों की संयुक्त आराधना की जाती है। जहाँ माँ बगलामुखी शत्रुओं पर नियंत्रण और विजय प्रदान करती हैं, वहीं माँ प्रत्यंगिरा को तीव्र सुरक्षा और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है।
✨ विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान से किए गए मंत्र जाप और यज्ञ के माध्यम से यह पूजा न्याय, सुरक्षा और सफलता के लिए दिव्य कृपा प्राप्त करने का माध्यम मानी जाती है।
🛕 हरिद्वार में इस अनुष्ठान का विशेष महत्व
यह पवित्र अनुष्ठान हरिद्वार स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में किया जाता है, जो भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। मान्यता है कि यहां की गई पूजा का प्रभाव अधिक तीव्र होता है और भक्तों की प्रार्थनाएं शीघ्र फल देती हैं।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में भाग लेकर आप भी माँ बगलामुखी और माँ प्रत्यंगिरा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन में सुरक्षा, विजय और सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव कर सकते हैं।