शनि जयंती और अमावस्या का संयोग अपने आप में बहुत विशेष माना जाता है और जब अमावस्या शनिवार के दिन आती है, तब इसकी शक्ति और भी अधिक बढ़ जाती है। इस दिन शनि देव के अलावा भगवान हनुमान की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। हनुमान जी की कृपा से शत्रुओं और बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है और जीवन में संतुलन आने लगता है।
इसी पवित्र भावना के साथ उज्जैन के खेड़ापति हनुमान मंदिर में 100 हनुमान चालीसा पाठ एवं वानर सेवा महापूजा का आयोजन किया जा रहा है। यह अनुष्ठान उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है, जो जीवन में बार-बार आने वाली समस्याओं, नकारात्मक सोच, शत्रुओं के भय या बिना कारण रुकावटों से परेशान हैं।
🔥 100 हनुमान चालीसा पाठ का महत्व
इस पूजा में 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा, जिसे अत्यंत प्रभावशाली और परेशानियों से राहत दिलाने वाला माना गया है। हनुमान चालीसा में भी कहा गया है –
“जो सत बार पाठ कर कोई, छूटहि बंदि महा सुख होई।”
अर्थात जो व्यक्ति 100 बार इसका पाठ करता है, वह जीवन के बंधनों और परेशानियों से राहत पाकर सुख प्राप्त करता है।
इसलिए यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो कोर्ट केस, जीवन की कठिन परिस्थितियों या मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। नियमित और सामूहिक रूप से किया गया यह पाठ मन को शांति देता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक माना जाता है।
🐒 वानर सेवा का विशेष महत्व
इस पूजा की एक और खास बात है- वानर सेवा। हनुमान जी को वानर स्वरूप में पूजा जाता है, इसलिए वानरों की सेवा करना उन्हें प्रसन्न करने का एक सरल और प्रभावशाली तरीका माना जाता है। मान्यता है कि वानरों को भोजन कराना और उनकी सेवा करना हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है। विशेष रूप से कलियुग में यह सेवा व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता को कम करने और सुख-शांति बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
🌸 हनुमान जी की कृपा से मिलेगा सहारा
हनुमान जी को संकट मोचन कहा जाता है, जो अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। उनकी पूजा से भय, चिंता और अस्थिरता धीरे-धीरे कम होने लगती है और व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। इस विशेष दिन पर किया गया यह अनुष्ठान न केवल बाहरी समस्याओं से राहत देता है, बल्कि मन को भी मजबूत बनाता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से आप भी इस विशेष अवसर पर होने वाली इस दिव्य पूजा में भाग लेकर हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।