भारत में प्रतिदिन करोड़ों लोग बिना खाने की वजह से भूखे सोते हैं, कई लोगो के घरों में तो चूल्हा तक नहीं जलता है, जिसकी वजह से आज देश में बच्चों में कुपोषण की दर 18.7 प्रतिशत है और अल्पपोषण का प्रसार 12.0 प्रतिशत है। लेकिन ऐसे में आप उनकी अंधेरी जिंदगी में उम्मीद की किरण हैं।
आप वो है जिन्हें दाता ने देने वाला बनाया है, हरिद्वार की पवित्र भूमि पर 101 राशन किट की सेवा दें 101 परिवारों के घर में चूल्हा जलने का कारण बनें, उन्हें संपूर्ण पोषण प्रदान करें और देश की तरक्की में, समाज के विकास में अपनी सहभागिता दें।
🔢 "101" की संख्या ही क्यों?
100 = पूर्णता। +1 = निरंतरता।101 का अर्थ है - यह सेवा यहाँ खत्म नहीं होती,बल्कि इससे एक नई शुरुआत होती है। इसमें 100 = 'शतम्' सम्पूर्णता है। वेदों में "शतं जीव शरदः" सम्पूर्ण आयु का आशीर्वाद है। 100 + 1 = 101 वह सेवा जो सम्पूर्णता को लाँघकर ईश्वर तक पहुँचती है और इसका पुण्य कभी ख़त्म नहीं होता है।
हरिद्वार को ही क्यों चुनें?
विष्णु पुराण का उद्घोष है: "हरिद्वार में किया गया एक पुण्य कर्म सहस्र अश्वमेध यज्ञों के समान फल देता है।" स्कंद पुराण कहता है: "जब देवता भी अपनी आत्मा को शुद्ध करना चाहते हैं, तो वे हरिद्वार में अवतरण करते हैं।" महाभारत के वन-पर्व में भीष्म पितामह ने गंगाद्वार (हरिद्वार) को पृथ्वी का सर्वपावन स्थल कहा है।
हरिद्वार के पावन घाटों पर हर दिन हजारों निर्धन तीर्थयात्री, वृद्धजन, अनाथ बच्चे और जरूरतमंद परिवार रहते हैं - जिन्हें एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं होता। ये वे प्राणी हैं जो श्री हरि के द्वार पर ही अपना जीवन बिताते हैं। इन्हें राशन किट की सेवा देना साक्षात हरि की सेवा। और 'हरि के द्वार' पर यह सेवा = अनंत गुना पुण्य।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे हरिद्वार में यह महासेवा करें:
हरिद्वार पहुँचकर स्वयं इस महासेवा का आयोजन करना हर व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से हरिद्वार के पावन भूमि पर यह महासेवा करवा सकते हैं। प्रत्येक जरूरतमंद प्राणी का सम्मान करते हुए, सेवा सम्पन्न कराएंगे। सेवा का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फोन पर प्राप्त होगा।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक का नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।