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24 अक्टूबर, 2026

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त्रयोदशी शुक्ल पक्ष,शनिवार
अश्विन मास
शरद,सिद्धार्थ 2083
त्रयोदशी शुक्ल पक्ष,शनिवार
अश्विन मास
शरद,सिद्धार्थ 2083

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:21 AM से 12:05 PM
11:21 AM से 12:05 PM
राहुकाल
राहुकाल
8:52 AM से 10:18 AM
8:52 AM से 10:18 AM
गुलिक काल
गुलिक काल
6:02 AM से 7:27 AM
6:02 AM से 7:27 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
1:08 PM से 2:33 PM
1:08 PM से 2:33 PM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
1:38 PM तक
1:38 PM तक
नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
8:33 PM तक
8:33 PM तक
योग
व्याघात
8:02 PM तक
8:02 PM तक
करण
तैतिल
1:32 PM तक
1:32 PM तक
महीना अमान्त
अश्विन
महीना पूर्णिमांत
अश्विन
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
तुला
चंद्र राशि
मीन
दिशाशूल
पूर्व
चंद्र निवास
उत्तर
ऋतु
शरद
अयन
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Upcoming festivals
पर्व त्यौहार की जानकारी “फरवरी 2023” तक ही दी गई है। बाकी के त्योहारों की जानकारी हम जल्द ही अपडेट कर देंगे। धन्यवाद!
बृहस्पति गुरु ग्रह यज्ञ, विष्णु सहस्रनाम और केले के पेड़ की पूजा
वैवाहिक विवाद और देरी निवारण विशेष

बृहस्पति गुरु ग्रह यज्ञ, विष्णु सहस्रनाम और केले के पेड़ की पूजा

विवाह में देरी से बचने और योग्य जीवनसाथी पाने के लिए

puja venue
श्री बृहस्पति मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश
puja date
15 अक्टूबर, गुरुवार, आश्विन शुक्ल पंचमी
राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा एवं शिव रुद्राभिषेक
राहु नक्षत्र विशेष

राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा एवं शिव रुद्राभिषेक

मानसिक स्पष्टता और बेहतर निर्णय लेने के लिए आशीर्वाद प्राप्त करना

puja venue
राहु पैठाणी मंदिर, पौड़ी, उत्तराखंड
puja date
12 अक्टूबर, सोमवार, आश्विन शुक्ल द्वितीया
त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में काल सर्प दोष शांति पूजा
त्र्यंबकेश्वर काल सर्प विशेष

त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में काल सर्प दोष शांति पूजा

काल सर्प दोष और उसके नकारात्मक प्रभावों से राहत के लिए

puja venue
त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र, नासिक, महाराष्ट्र
puja date
12 अक्टूबर, सोमवार, आश्विन शुक्ल द्वितीया
गज वाहन देवी आवाहन: गजलक्ष्मी मंदिर नवरात्रि दुर्गा देवी पूजा
गज वाहन देवी का दिव्य आगमन - गजलक्ष्मी मंदिर विशेष

गज वाहन देवी आवाहन: गजलक्ष्मी मंदिर नवरात्रि दुर्गा देवी पूजा

परिवार में सर्वोच्च समृद्धि के आवाहन, धन आकर्षण और समग्र शुभता के लिए

puja venue
श्री गजलक्ष्मी मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
11 अक्टूबर, रविवार, आश्विन शुक्ल प्रतिपदा
9 दिवसीय नवदुर्गा 90,000 नवार्ण मंत्र जाप, 9,000 दशांश हवन एवं नवग्रह शांति अनुष्ठान
नवरात्रि 9 दिवसीय 9 स्वरूप दुर्गा विशेष पूजा

9 दिवसीय नवदुर्गा 90,000 नवार्ण मंत्र जाप, 9,000 दशांश हवन एवं नवग्रह शांति अनुष्ठान

परिवार में समृद्धि के आशीर्वाद और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए

puja venue
नव दुर्गा मंदिर, कटरा, जम्मू
puja date
11 अक्टूबर, रविवार, आश्विन शुक्ल प्रतिपदा

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस शनिवार को हम अश्विन के पवित्र माह में त्रयोदशी शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी का पालन करते हैं। शरद ऋतु के चलते सूर्य तुला में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा मीन में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 1:38 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र उत्तर भाद्रपद है, जो 8:33 PM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग व्याघात है, जो 8:02 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण तैतिल है, जो 1:32 PM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:02 AM पर और सूर्यास्त 5:24 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 4:01 PM पर और अस्त 3:56 AM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा उत्तर दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:21 AM से 12:05 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 8:52 AM से 10:18 AM, गुलिक काल 6:02 AM से 7:27 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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