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22-03-2026
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22 मार्च, 2026

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चतुर्थी शुक्ल पक्ष,रविवार
चैत्र मास
वसंत,सिद्धार्थ 2083
चतुर्थी शुक्ल पक्ष,रविवार
चैत्र मास
वसंत,सिद्धार्थ 2083
त्यौहार
विनायक चतुर्थी
त्यौहार
विनायक चतुर्थी

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:42 AM से 12:30 PM
11:42 AM से 12:30 PM
राहुकाल
राहुकाल
4:40 PM से 6:11 PM
4:40 PM से 6:11 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
3:08 PM से 4:40 PM
3:08 PM से 4:40 PM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
12:06 PM से 1:37 PM
12:06 PM से 1:37 PM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष चतुर्थी
9:17 PM तक
9:17 PM तक
नक्षत्र
भरणी
10:43 PM तक
10:43 PM तक
योग
वैधृ
3:42 PM तक
3:42 PM तक
करण
वणिज
10:37 AM तक
10:37 AM तक
महीना अमान्त
चैत्र
महीना पूर्णिमांत
चैत्र
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
मीन
चंद्र राशि
मेष
दिशाशूल
पश्चिम
चंद्र निवास
पूर्व
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण
Takur Calendar
ठाकुर प्रसाद मासिक पंचांग देखें
Upcoming festivals
1 March, 2026
प्रदोष व्रत
2 March, 2026
चौमासी चौदस
3 March, 2026
छोटी होली
3 March, 2026
होलिका दहन
3 March, 2026
वसन्त पूर्णिमा
3 March, 2026
दोल पूर्णिमा
3 March, 2026
चन्द्र ग्रहण
3 March, 2026
पूर्णिमा उपवास
3 March, 2026
अष्टाह्निका विधान पूर्ण
3 March, 2026
फाल्गुन पूर्णिमा
3 March, 2026
लक्ष्मी जयन्ती
3 March, 2026
चैतन्य महाप्रभु जयन्ती
3 March, 2026
मासी मागम
3 March, 2026
अट्टुकल पोंगल
4 March, 2026
होली
4 March, 2026
चैत्र प्रारम्भ *उत्तर
5 March, 2026
भाई दूज
5 March, 2026
भ्रातृ द्वितीया
6 March, 2026
शिवाजी जयन्ती
6 March, 2026
संकष्टी चतुर्थी
8 March, 2026
रंग पञ्चमी
10 March, 2026
शीतला सप्तमी
11 March, 2026
बसोड़ा
11 March, 2026
शीतला अष्टमी
11 March, 2026
कालाष्टमी
11 March, 2026
वर्षी तप आरम्भ
14 March, 2026
कारादाइयन नौम्बू
15 March, 2026
पापमोचिनी एकादशी
15 March, 2026
मीन संक्रान्ति
16 March, 2026
प्रदोष व्रत
17 March, 2026
मासिक शिवरात्रि
18 March, 2026
दर्श अमावस्या
19 March, 2026
चैत्र अमावस्या
19 March, 2026
चैत्र नवरात्रि
19 March, 2026
गुड़ी पड़वा
19 March, 2026
युगादी
20 March, 2026
चन्द्र दर्शन
20 March, 2026
झूलेलाल जयन्ती
20 March, 2026
वसन्त सम्पात
21 March, 2026
गौरीपूजा
21 March, 2026
गणगौर
21 March, 2026
मत्स्य जयन्ती
22 March, 2026
विनायक चतुर्थी
23 March, 2026
लक्ष्मी पञ्चमी
24 March, 2026
यमुना छठ
24 March, 2026
स्कन्द षष्ठी
24 March, 2026
रोहिणी व्रत
25 March, 2026
नवपद ओली प्रारम्भ
26 March, 2026
मासिक दुर्गाष्टमी
26 March, 2026
राम नवमी *स्मार्त
26 March, 2026
महातारा जयन्ती
27 March, 2026
राम नवमी *वैष्णव
29 March, 2026
कामदा एकादशी
29 March, 2026
वामन द्वादशी
30 March, 2026
प्रदोष व्रत
31 March, 2026
महावीर स्वामी जयन्ती
अष्ट गणेश स्थापना, 12 दिनों तक प्रतिदिन गणेश अथर्वशीर्ष पाठ, पूजन, दूर्वा अर्पण, लड्डू भोग एवं आरती
12 दिवसीय संपूर्ण पैकेज विशेष गणेश चतुर्थी महापूजा

अष्ट गणेश स्थापना, 12 दिनों तक प्रतिदिन गणेश अथर्वशीर्ष पाठ, पूजन, दूर्वा अर्पण, लड्डू भोग एवं आरती

जीवन के सभी क्षेत्रों में शांति, आत्मविश्वास और प्रगति के लिए द्वादश गणेश की कृपा प्राप्त करें

puja venue
बड़ा गणेश मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
14 सितम्बर, सोमवार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (तृतीया सुबह 7:06 बजे तक)
विघ्न विनाशक त्रिदिवसीय महापूजा
गणेश चतुर्थी 3 दिवसीय महाअनुष्ठान विशेष

विघ्न विनाशक त्रिदिवसीय महापूजा

बाधाओं से राहत, नई शुरुआत, कार्य सफलता

puja venue
श्री बड़ा गणेश मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
14 सितम्बर, सोमवार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (तृतीया सुबह 7:06 बजे तक)
गया जी 15 दिवसीय दैनिक श्राद्ध पूजन, तिल तर्पण एवं ब्राह्मण भोजन
गया जी में लगातार 15 दिवसीय पितृ पक्ष पूजा

गया जी 15 दिवसीय दैनिक श्राद्ध पूजन, तिल तर्पण एवं ब्राह्मण भोजन

बार-बार होने वाले पितृ दोष, पितरों से जुड़ी परेशानियों और परिवार में बार-बार होने वाले विवादों से राहत के लिए

puja venue
फल्गु नदी घाट, गया, बिहार
puja date
26 सितम्बर, शनिवार, भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा
 4 प्रहर, 4 मंदिर, 4 महायज्ञ, 40 लीटर गन्ने के रस से स्नान एवं 40,000 गणेश बीज मंत्र जाप महापूजा
4 मंदिर और 4 प्रहर विशेष गणेश चतुर्थी महापूजा

4 प्रहर, 4 मंदिर, 4 महायज्ञ, 40 लीटर गन्ने के रस से स्नान एवं 40,000 गणेश बीज मंत्र जाप महापूजा

कर्ज से राहत और धन-समृद्धि के आशीर्वाद के लिए

puja venue
बड़ा गणेश मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर, सिद्धिविनायक चांदिचा गणपति मंदिर, डोडीताल गणेश जन्मस्थल मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश | नासिक, महाराष्ट्र | उत्तरकाशी, उत्तराखंड
puja date
14 सितम्बर, सोमवार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (तृतीया सुबह 7:06 बजे तक)
लक्ष्मी गणेश धन वर्षा महायज्ञ एवं 108 श्री सूक्त और 108 गणेश स्तोत्र पाठ महापूजा
गणेश चतुर्थी: लक्ष्मी-गणेश पूजा विशेष

लक्ष्मी गणेश धन वर्षा महायज्ञ एवं 108 श्री सूक्त और 108 गणेश स्तोत्र पाठ महापूजा

करियर में प्रगति और आर्थिक लाभ के लिए गणेश जी और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद

puja venue
गजलक्ष्मी मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर, उज्जैन
puja date
14 सितम्बर, सोमवार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (तृतीया सुबह 7:06 बजे तक)

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस रविवार को हम चैत्र के पवित्र माह में चतुर्थी शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष चतुर्थी का पालन करते हैं। वसंत ऋतु के चलते सूर्य मीन में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा मेष में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष चतुर्थी 9:17 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र भरणी है, जो 10:43 PM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग वैधृ है, जो 3:42 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण वणिज है, जो 10:37 AM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:01 AM पर और सूर्यास्त 6:11 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 7:54 AM पर और अस्त 9:49 PM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पूर्व दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:42 AM से 12:30 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 4:40 PM से 6:11 PM, गुलिक काल 3:08 PM से 4:40 PM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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