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20 नवम्बर, 2026

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दशमी शुक्ल पक्ष,शुक्रवार
कार्तिक मास
हेमंत,सिद्धार्थ 2083
दशमी शुक्ल पक्ष,शुक्रवार
कार्तिक मास
हेमंत,सिद्धार्थ 2083

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:23 AM से 12:05 PM
11:23 AM से 12:05 PM
राहुकाल
राहुकाल
10:23 AM से 11:44 AM
10:23 AM से 11:44 AM
गुलिक काल
गुलिक काल
7:40 AM से 9:02 AM
7:40 AM से 9:02 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
2:27 PM से 3:48 PM
2:27 PM से 3:48 PM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष दशमी
7:16 AM तक
7:16 AM तक
नक्षत्र
पूर्व भाद्रपद
6:57 AM तक
6:57 AM तक
योग
हर्षण
6:40 AM तक
6:40 AM तक
करण
गर
7:14 AM तक
7:14 AM तक
महीना अमान्त
कार्तिक
महीना पूर्णिमांत
कार्तिक
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
वृश्चिक
चंद्र राशि
मीन
दिशाशूल
पश्चिम
चंद्र निवास
उत्तर
ऋतु
हेमंत
अयन
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9 November, 2026
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प्रदोष व्रत
22 November, 2026
विश्वेश्वर व्रत
23 November, 2026
वैकुण्ठ चतुर्दशी
23 November, 2026
मणिकर्णिका स्नान
23 November, 2026
चौमासी चौदस
गया जी 15 दिवसीय दैनिक श्राद्ध पूजन, तिल तर्पण एवं ब्राह्मण भोजन
गया जी में लगातार 15 दिवसीय पितृ पक्ष पूजा

गया जी 15 दिवसीय दैनिक श्राद्ध पूजन, तिल तर्पण एवं ब्राह्मण भोजन

बार-बार होने वाले पितृ दोष, पितरों से जुड़ी परेशानियों और परिवार में बार-बार होने वाले विवादों से राहत के लिए

puja venue
फल्गु नदी घाट, गया, बिहार
puja date
26 सितम्बर, शनिवार, भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा
 गया में सर्व पितृ शांति पूजा
पितृ पक्ष के प्रथम दिन सर्व पितृ शांति विशेष

गया में सर्व पितृ शांति पूजा

पितरों की शांति और सात पीढ़ियों तक उनका आशीर्वाद पाने के लिए

puja venue
विष्णु पद गया जी, गया, बिहार
puja date
26 सितम्बर, शनिवार, भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा
भारत के 15 शक्तिशाली मोक्ष तीर्थों पर 15 दिनों में दैनिक पितृ शांति श्राद्ध पूजा, पिंडदान और तर्पण
पितृ पक्ष की पूर्णिमा से महालय अमावस्या तक 15 दिन - 15 मोक्ष तीर्थ विशेष

भारत के 15 शक्तिशाली मोक्ष तीर्थों पर 15 दिनों में दैनिक पितृ शांति श्राद्ध पूजा, पिंडदान और तर्पण

पितृ दोष से जुड़ी बाधाओं से राहत और दिवंगत पूर्वजों की शांति के लिए

puja venue
पिशाच मोचन कुंड, त्रिवेणी संगम, विश्राम घाट, नरेंद्र पुष्करिणी घाट, क्षिप्रा घाट, श्रीरंगपट्टन क्षेत्र, सरयू घाट, रामेश्वरम घाट, बिंदु सरोवर, गोकर्ण क्षेत्र, गंगा घाट, पुष्कर घाट, गलता जी कुंड, नर्मदा घाट और कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयागराज, मथुरा, पुरी, उज्जैन, मांडया, अयोध्या, रामेश्वरम, सिद्धपुर (मातृ गया), गोकर्ण, हरिद्वार, पुष्कर, जयपुर, खंडवा और कुरुक्षेत्र
puja date
26 सितम्बर, शनिवार, भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा
शनि साढ़ेसाती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
अंतिम शनि पूर्णिमा 2026 विशेष

शनि साढ़ेसाती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा

जीवन की चुनौतियों से उबरने, स्थिरता और अनुकूल परिस्थितियों की प्रार्थना के लिए

puja venue
श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
26 सितम्बर, शनिवार, शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
हरिद्वार 15 दिवसीय दैनिक पितृ दोष शांति महापूजा एवं गंगा आरती, प्रतिदिन ब्राह्मण भोजन
हरिद्वार में 15 दिनों की पितृ पूजा से पितृ दोष शांति

हरिद्वार 15 दिवसीय दैनिक पितृ दोष शांति महापूजा एवं गंगा आरती, प्रतिदिन ब्राह्मण भोजन

पितृ दोष, पूर्वजों से जुड़ी बाधाओं और पारिवारिक जीवन में शांति की कमी के लिए

puja venue
गंगा घाट, हरिद्वार, उत्तराखंड
puja date
26 सितम्बर, शनिवार, भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस शुक्रवार को हम कार्तिक के पवित्र माह में दशमी शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष दशमी का पालन करते हैं। हेमंत ऋतु के चलते सूर्य वृश्चिक में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा मीन में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष दशमी 7:16 AM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र पूर्व भाद्रपद है, जो 6:57 AM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग हर्षण है, जो 6:40 AM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण गर है, जो 7:14 AM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:19 AM पर और सूर्यास्त 5:09 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 1:56 PM पर और अस्त 1:40 AM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा उत्तर दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:23 AM से 12:05 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 10:23 AM से 11:44 AM, गुलिक काल 7:40 AM से 9:02 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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