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19 नवम्बर, 2025

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चतुर्दशी कृष्ण पक्ष,बुधवार
मृगशिरा मास
हेमंत,कालयुक्त 2082
चतुर्दशी कृष्ण पक्ष,बुधवार
मृगशिरा मास
हेमंत,कालयुक्त 2082
त्यौहार
दर्श अमावस्या
त्यौहार
दर्श अमावस्या

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:23 AM से 12:05 PM
11:23 AM से 12:05 PM
राहुकाल
राहुकाल
11:44 AM से 1:05 PM
11:44 AM से 1:05 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
10:23 AM से 11:44 AM
10:23 AM से 11:44 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
7:40 AM से 9:01 AM
7:40 AM से 9:01 AM

आज का पंचांग

तिथि
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
9:44 AM तक
9:44 AM तक
नक्षत्र
स्वाति
8:00 AM तक
8:00 AM तक
योग
सौभाग्य
9:01 AM तक
9:01 AM तक
करण
शकुनि
9:43 AM तक
9:43 AM तक
महीना अमान्त
कार्तिक
महीना पूर्णिमांत
मृगशिरा
विक्रम संवत
2082 (कालयुक्त)
शक संवत
1947 (विश्ववासु)
सूर्य राशि
वृश्चिक
चंद्र राशि
तुला
दिशाशूल
उत्तर
चंद्र निवास
पश्चिम
ऋतु
हेमंत
अयन
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Upcoming festivals
1 November, 2025
कंस वध
1 November, 2025
देवुत्थान एकादशी
1 November, 2025
भीष्म पञ्चक प्रारम्भ
2 November, 2025
गौण देवुत्थान एकादशी
2 November, 2025
वैष्णव देवुत्थान एकादशी
2 November, 2025
तुलसी विवाह
2 November, 2025
योगेश्वर द्वादशी
3 November, 2025
प्रदोष व्रत
3 November, 2025
विश्वेश्वर व्रत
4 November, 2025
वैकुण्ठ चतुर्दशी
4 November, 2025
मणिकर्णिका स्नान
4 November, 2025
चौमासी चौदस
5 November, 2025
देव दीवाली
5 November, 2025
कार्तिक पूर्णिमा
5 November, 2025
पुष्कर स्नान
5 November, 2025
पूर्णिमा उपवास
5 November, 2025
गुरु नानक जयन्ती
5 November, 2025
भीष्म पञ्चक समाप्त
5 November, 2025
अष्टाह्निका विधान पूर्ण
5 November, 2025
रथ यात्रा
6 November, 2025
मार्गशीर्ष प्रारम्भ *उत्तर
6 November, 2025
मासिक कार्तिगाई
7 November, 2025
रोहिणी व्रत
8 November, 2025
संकष्टी चतुर्थी
12 November, 2025
कालभैरव जयन्ती
14 November, 2025
नेहरू जयन्ती
15 November, 2025
उत्पन्ना एकादशी
16 November, 2025
वृश्चिक संक्रान्ति
17 November, 2025
प्रदोष व्रत
17 November, 2025
मण्डला काल प्रारम्भ
18 November, 2025
मासिक शिवरात्रि
19 November, 2025
दर्श अमावस्या
20 November, 2025
मार्गशीर्ष अमावस्या
22 November, 2025
चन्द्र दर्शन
24 November, 2025
विनायक चतुर्थी
25 November, 2025
विवाह पञ्चमी
25 November, 2025
नाग पञ्चमी *तेलुगू
26 November, 2025
सुब्रहमन्य षष्ठी
26 November, 2025
चम्पा षष्ठी
28 November, 2025
मासिक दुर्गाष्टमी
शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
13 साल बाद: साल की शनि अमावस्या के साथ शनि जयंती का दुर्लभ संयोग

शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा

जीवन की चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों से पार पाने के लिए

puja venue
श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
16 मई, शनिवार, शनि अमावस्या
11,00,000 शनि मंत्र जाप, 1,25,000 भैरव मंत्र जाप और 1,25,000 काली मंत्र जाप के साथ शनि तेल अभिषेक
शनि जयंती पर शनि-काली-भैरव महापूजा

11,00,000 शनि मंत्र जाप, 1,25,000 भैरव मंत्र जाप और 1,25,000 काली मंत्र जाप के साथ शनि तेल अभिषेक

जीवन की नकारात्मकता को दूर करने और बाधाओं से रक्षा के लिए

puja venue
भद्रकाली शक्तिपीठ, नवग्रह शनि मंदिर, कुरुक्षेत्र, डबरा| हरियाणा, मध्य प्रदेश
puja date
16 मई, शनिवार, शनि अमावस्या
1000 किलो काले तिल अग्नि आहुति महायज्ञ, 100 किलो तिल तेल अभिषेक, 1,25,000 शनि मंत्र जाप, साढ़ेसाती शांति महापूजा
13 साल बाद शनि जयंती और शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग पर सबसे बड़ा शनि महायज्ञ

1000 किलो काले तिल अग्नि आहुति महायज्ञ, 100 किलो तिल तेल अभिषेक, 1,25,000 शनि मंत्र जाप, साढ़ेसाती शांति महापूजा

शनि साढ़ेसाती से राहत, करियर में बाधाओं, भय, शत्रु समस्याओं से बचाव और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए

puja venue
सिद्धपीठ शनि धाम, हरिद्वार, उत्तराखंड
puja date
16 मई, शनिवार, शनि अमावस्या

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस बुधवार को हम मृगशिरा के पवित्र माह में चतुर्दशी कृष्ण पक्ष पक्ष की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी का पालन करते हैं। हेमंत ऋतु के चलते सूर्य वृश्चिक में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा तुला में स्थित है। पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 9:44 AM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र स्वाति है, जो 8:00 AM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग सौभाग्य है, जो 9:01 AM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण शकुनि है, जो 9:43 AM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:19 AM पर और सूर्यास्त 5:10 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 5:22 AM पर और अस्त 4:19 PM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल उत्तर दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पश्चिम दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:23 AM से 12:05 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 11:44 AM से 1:05 PM, गुलिक काल 10:23 AM से 11:44 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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