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6 जनवरी, 2027

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चतुर्दशी कृष्ण पक्ष,बुधवार
पौष मास
हेमंत,सिद्धार्थ 2083
चतुर्दशी कृष्ण पक्ष,बुधवार
पौष मास
हेमंत,सिद्धार्थ 2083

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:43 AM से 12:25 PM
11:43 AM से 12:25 PM
राहुकाल
राहुकाल
12:04 PM से 1:24 PM
12:04 PM से 1:24 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
10:45 AM से 12:04 PM
10:45 AM से 12:04 PM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
8:05 AM से 9:25 AM
8:05 AM से 9:25 AM

आज का पंचांग

तिथि
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
11:15 PM तक
11:15 PM तक
नक्षत्र
मूल
6:09 AM तक
6:09 AM तक
योग
वृद्धि
1:32 PM तक
1:32 PM तक
करण
विष्टि
9:56 AM तक
9:56 AM तक
महीना अमान्त
मृगशिरा
महीना पूर्णिमांत
पौष
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
धनु
चंद्र राशि
धनु
दिशाशूल
उत्तर
चंद्र निवास
पूर्व
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन
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Upcoming festivals
3 January, 2027
सफला एकादशी
5 January, 2027
प्रदोष व्रत
5 January, 2027
मासिक शिवरात्रि
7 January, 2027
पौष अमावस्या
7 January, 2027
दर्शवेला अमावस्या
7 January, 2027
हनुमान जयंती
9 January, 2027
चन्द्र दर्शन
11 January, 2027
विनायक चतुर्थी
13 January, 2027
स्कन्द षष्ठी
14 January, 2027
लोहड़ी
15 January, 2027
गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती
15 January, 2027
पोंगल
15 January, 2027
मकर संक्रान्ति
15 January, 2027
माघ बिहु
16 January, 2027
मासिक दुर्गाष्टमी
16 January, 2027
शाकम्भरी उत्सवारम्भ
18 January, 2027
पौष पुत्रदा एकादशी
18 January, 2027
मासिक कार्तिगाई
19 January, 2027
गौण पौष पुत्रदा एकादशी
19 January, 2027
वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी
19 January, 2027
कूर्म द्वादशी
19 January, 2027
रोहिणी व्रत
20 January, 2027
प्रदोष व्रत
22 January, 2027
पौष पूर्णिमा
22 January, 2027
शाकम्भरी पूर्णिमा
22 January, 2027
पूर्णिमा उपवास
22 January, 2027
थाई पूसम
23 January, 2027
माघ प्रारम्भ *उत्तर
23 January, 2027
सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती
25 January, 2027
संकष्टी चतुर्थी
25 January, 2027
सकट चौथ
26 January, 2027
गणतन्त्र दिवस
29 January, 2027
कालाष्टमी
दीपावली से देव दीपावली तक 17 दिनों का 51,000 लक्ष्मी मंत्र जाप और अयोध्या व काशी में प्रतिदिन 108 दीपोत्सव सेवा
दीपावली से देव दीपावली तक - 17 दिवसीय विशेष अनुष्ठान

दीपावली से देव दीपावली तक 17 दिनों का 51,000 लक्ष्मी मंत्र जाप और अयोध्या व काशी में प्रतिदिन 108 दीपोत्सव सेवा

जीवन में धन, सुख, पारिवारिक सौहार्द और समृद्धि की कामना

puja venue
प्राचीन राजद्वार मंदिर, अस्सी घाट, अयोध्या, काशी
puja date
8 नवम्बर, रविवार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (सुबह 11:27 बजे के बाद अमावस्या)
सोमवती अमावस्या: 11,00,000 पंचाक्षरी महामंत्र जाप एवं 1,25,000 चंद्र मंत्र जाप महाअनुष्ठान
वर्ष की अंतिम सोमवती अमावस्या विशेष - 101 ब्राह्मणों द्वारा 11 लाख मंत्र जाप

सोमवती अमावस्या: 11,00,000 पंचाक्षरी महामंत्र जाप एवं 1,25,000 चंद्र मंत्र जाप महाअनुष्ठान

सभी बड़ी मनोकामनाओं की पूर्ति, जीवन में संतुष्टि, संपूर्ण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन एवं शत्रुओं से रक्षा

puja venue
सोमेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
puja date
9 नवम्बर, सोमवार, कार्तिक कृष्ण अमावस्या
7 जन्मों के पाप क्षय हेतु 11 शिव सहस्रनाम पाठ एवं पाप क्षय महायज्ञ
वर्ष की अंतिम सोमवती अमावस्या – सात जन्मों के पाप क्षय हेतु विशेष अनुष्ठान

7 जन्मों के पाप क्षय हेतु 11 शिव सहस्रनाम पाठ एवं पाप क्षय महायज्ञ

सात जन्मों के संचित पापों के क्षय और आध्यात्मिक शुद्धि की कामना

puja venue
श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर, हरिद्वार, उत्तराखंड
puja date
9 नवम्बर, सोमवार, कार्तिक कृष्ण अमावस्या
राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा और शिव रुद्राभिषेक
राहु नक्षत्र विशेष

राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा और शिव रुद्राभिषेक

मानसिक स्पष्टता और बेहतर निर्णय लेने के लिए आशीर्वाद प्राप्त करना

puja venue
राहु पैठाणी मंदिर, पौड़ी, उत्तराखंड
puja date
8 नवम्बर, रविवार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
कालसर्प दोष शांति पूजा त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र
वर्ष की अंतिम सोमवती अमावस्या विशेष त्र्यंबकेश्वर पूजा

कालसर्प दोष शांति पूजा त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र

कालसर्प दोष एवं उसके नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति

puja venue
त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र, नासिक, महाराष्ट्र
puja date
9 नवम्बर, सोमवार, कार्तिक कृष्ण अमावस्या

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस बुधवार को हम पौष के पवित्र माह में चतुर्दशी कृष्ण पक्ष पक्ष की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी का पालन करते हैं। हेमंत ऋतु के चलते सूर्य धनु में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा धनु में स्थित है। पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 11:15 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र मूल है, जो 6:09 AM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग वृद्धि है, जो 1:32 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण विष्टि है, जो 9:56 AM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:45 AM पर और सूर्यास्त 5:24 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 5:35 AM पर और अस्त 4:01 PM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल उत्तर दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पूर्व दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:43 AM से 12:25 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 12:04 PM से 1:24 PM, गुलिक काल 10:45 AM से 12:04 PM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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