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पंचमी कृष्ण पक्ष,रविवार
आषाढ़ मास
ग्रीष्म,सिद्धार्थ 2083
पंचमी कृष्ण पक्ष,रविवार
आषाढ़ मास
ग्रीष्म,सिद्धार्थ 2083

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
10:56 AM से 11:50 AM
10:56 AM से 11:50 AM
राहुकाल
राहुकाल
4:28 PM से 6:09 PM
4:28 PM से 6:09 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
2:46 PM से 4:28 PM
2:46 PM से 4:28 PM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
11:23 AM से 1:04 PM
11:23 AM से 1:04 PM

आज का पंचांग

तिथि
कृष्ण पक्ष पंचमी
1:32 PM तक
1:32 PM तक
नक्षत्र
शतभिषा
3:13 PM तक
3:13 PM तक
योग
आयुष्मान
4:41 PM तक
4:41 PM तक
करण
तैतिल
1:27 PM तक
1:27 PM तक
महीना अमान्त
ज्येष्ठ
महीना पूर्णिमांत
आषाढ़
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
मिथुन
चंद्र राशि
कुम्भ
दिशाशूल
पश्चिम
चंद्र निवास
पश्चिम
ऋतु
ग्रीष्म
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Upcoming festivals
1 July, 2026
Ashadha Begins *North
3 July, 2026
Krishnapingala Sankashti Chaturthi
7 July, 2026
Kalashtami
7 July, 2026
Masik Krishna Janmashtami
10 July, 2026
Masik Karthigai
11 July, 2026
Yogini Ekadashi
12 July, 2026
Pradosh Vrat
12 July, 2026
Rohini Vrat
13 July, 2026
Masik Shivaratri
14 July, 2026
Anvadhan
14 July, 2026
Ashadha Amavasya
14 July, 2026
Darsha Amavasya
15 July, 2026
Ashadha Navratri
15 July, 2026
Chandra Darshan
15 July, 2026
Ishti
16 July, 2026
Jagannath Rathyatra
16 July, 2026
Karka Sankranti
17 July, 2026
Vinayaka Chaturthi
19 July, 2026
Skanda Sashti
21 July, 2026
Ashadha Ashtahnika Begins
22 July, 2026
Masik Durgashtami
25 July, 2026
Devshayani Ekadashi
25 July, 2026
Gauri Vrat Begins *Gujarat
25 July, 2026
Vasudeva Dwadashi
26 July, 2026
Pradosh Vrat
27 July, 2026
Jayaparvati Vrat Begins
28 July, 2026
Ashadha Chaumasi Chaudas
29 July, 2026
Anvadhan
29 July, 2026
Ashadha Ashtahnika Ends
29 July, 2026
Ashadha Purnima
29 July, 2026
Ashadha Purnima Vrat
29 July, 2026
Chakshusha Manvadi
29 July, 2026
Gauri Vrat Ends *Gujarat
29 July, 2026
Guru Purnima
29 July, 2026
Kokila Vrat *Gujarat
29 July, 2026
Vyasa Puja
30 July, 2026
Ishti
30 July, 2026
Shravana Begins *North
काल भैरव काशी 1,00,008 काल भैरव मूल मंत्र जाप और बगलामुखी 21 किलो लाल मिर्च हवन
कालाष्टमी पर काल भैरव काशी और बगलामुखी सिद्धपीठ हरिद्वार में भव्य संयुक्त पूजा

काल भैरव काशी 1,00,008 काल भैरव मूल मंत्र जाप और बगलामुखी 21 किलो लाल मिर्च हवन

शत्रुओं से सुरक्षा, कानूनी मामलों में सफलता और सभी प्रकार की नकारात्मकता को दूर करने के लिए

puja venue
श्री काल भैरव मंदिर, सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर, काशी, हरिद्वार | उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड
puja date
7 जुलाई, मंगलवार, आषाढ़ कृष्ण सप्तमी
 21 ब्राह्मणों द्वारा 1,08,000 भैरव मूल मंत्र जाप, तंत्र युक्त महायज्ञ एवं कालभैरवाष्टकम पाठ
21 ब्राह्मण कालाष्टमी - काल भैरव काशी विशेष

21 ब्राह्मणों द्वारा 1,08,000 भैरव मूल मंत्र जाप, तंत्र युक्त महायज्ञ एवं कालभैरवाष्टकम पाठ

सर्वोच्च साहस, निर्भयता और आंतरिक कमजोरियों से सुरक्षा के लिए प्रार्थना

puja venue
श्री काल भैरव मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश
puja date
7 जुलाई, मंगलवार, आषाढ़ कृष्ण सप्तमी
 4 प्रहर काल भैरव अभिषेक पूजा, श्रृंगार सेवा, खप्पर सेवा और भोग सेवा
कालाष्टमी 4 प्रहर काशी–12 घंटे का अनुष्ठान विशेष

4 प्रहर काल भैरव अभिषेक पूजा, श्रृंगार सेवा, खप्पर सेवा और भोग सेवा

7 जन्मों के पापों और नकारात्मकता को दूर करने के लिए

puja venue
श्री आदिकाल भैरव मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश
puja date
7 जुलाई, मंगलवार, आषाढ़ कृष्ण सप्तमी

सम्पूर्ण पंचांग, Aizawl, Mizoram, India

आज का दिन Aizawl, Mizoram, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस रविवार को हम आषाढ़ के पवित्र माह में पंचमी कृष्ण पक्ष पक्ष की कृष्ण पक्ष पंचमी का पालन करते हैं। ग्रीष्म ऋतु के चलते सूर्य मिथुन में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा कुम्भ में स्थित है। पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष पंचमी 1:32 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र शतभिषा है, जो 3:13 PM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग आयुष्मान है, जो 4:41 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण तैतिल है, जो 1:27 PM तक तक रहेगा।

Aizawl, Mizoram, India में आज सूर्योदय 4:36 AM पर और सूर्यास्त 6:09 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 9:42 PM पर और अस्त 9:02 AM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पश्चिम दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 10:56 AM से 11:50 AM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 4:28 PM से 6:09 PM, गुलिक काल 2:46 PM से 4:28 PM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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