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2 नवम्बर, 2026

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अष्टमी कृष्ण पक्ष,सोमवार
कार्तिक मास
शरद,रौद्र 2083
अष्टमी कृष्ण पक्ष,सोमवार
कार्तिक मास
शरद,रौद्र 2083

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
10:39 AM से 11:23 AM
10:39 AM से 11:23 AM
राहुकाल
राहुकाल
6:49 AM से 8:13 AM
6:49 AM से 8:13 AM
गुलिक काल
गुलिक काल
12:26 PM से 1:50 PM
12:26 PM से 1:50 PM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
9:37 AM से 11:01 AM
9:37 AM से 11:01 AM

आज का पंचांग

तिथि
कृष्ण पक्ष अष्टमी
1:11 PM तक
1:11 PM तक
नक्षत्र
अश्लेषा
3:47 AM तक
3:47 AM तक
योग
शुभ
12:06 PM तक
12:06 PM तक
करण
कौलव
1:13 PM तक
1:13 PM तक
महीना अमान्त
अश्विन
महीना पूर्णिमांत
कार्तिक
विक्रम संवत
2083 (रौद्र)
शक संवत
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पूर्व
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Upcoming festivals
1 November, 2026
Ahoi Ashtami
1 November, 2026
Bhanu Saptami
1 November, 2026
Kalashtami
1 November, 2026
Masik Krishna Janmashtami
1 November, 2026
Radha Kunda Snan
5 November, 2026
Govatsa Dwadashi
5 November, 2026
Rama Ekadashi
6 November, 2026
Dhan Teras
6 November, 2026
Pradosh Vrat
6 November, 2026
Yama Deepam
6 November, 2026
Yama Panchaka Begins
7 November, 2026
Hanuman Puja
7 November, 2026
Kali Chaudas
7 November, 2026
Masik Shivaratri
8 November, 2026
Chopda Puja
8 November, 2026
Deepamalika
8 November, 2026
Diwali
8 November, 2026
Kali Puja
8 November, 2026
Kamala Jayanti
8 November, 2026
Kedar Gauri Vrat
8 November, 2026
Lakshmi Puja
8 November, 2026
Narak Chaturdashi
8 November, 2026
Sharda Puja
8 November, 2026
Tamil Deepavali
9 November, 2026
Anvadhan
9 November, 2026
Darsha Amavasya
9 November, 2026
Kartik Amavasya
10 November, 2026
Annakut
10 November, 2026
Bali Pratipada
10 November, 2026
Dyuta Krida
10 November, 2026
Gowardhan Puja
10 November, 2026
Gujarati New Year
10 November, 2026
Ishti
11 November, 2026
Bhaiya Dooj
11 November, 2026
Chandra Darshan
11 November, 2026
Yama Dwitiya
13 November, 2026
Nagula Chavithi *Telugu
13 November, 2026
Vinayaka Chaturthi
14 November, 2026
Children's Day
14 November, 2026
Labh Panchami
14 November, 2026
Nehru Jayanti
15 November, 2026
Chhath Puja
15 November, 2026
Skanda Sashti
15 November, 2026
Soora Samharam
16 November, 2026
Jalaram Bapa Jayanti
16 November, 2026
Kartika Ashtahnika Begins
16 November, 2026
Vrischika Sankranti
17 November, 2026
Mandala Pooja Begins
18 November, 2026
Gopashtami
18 November, 2026
Masik Durgashtami
19 November, 2026
Akshaya Navami
19 November, 2026
Jagaddhatri Puja
19 November, 2026
Sata Yuga
20 November, 2026
Bhishma Panchak Begins
20 November, 2026
Kansa Vadh
21 November, 2026
Devutthana Ekadashi
21 November, 2026
Guruvayur Ekadashi
21 November, 2026
Yogeshwara Dwadashi
22 November, 2026
Pradosh Vrat
22 November, 2026
Tamasa Manvadi
22 November, 2026
Tulasi Vivah
22 November, 2026
Vishweshwara Vrat
23 November, 2026
Kartika Chaumasi Chaudas
23 November, 2026
Manikarnika Snan
23 November, 2026
Vaikuntha Chaturdashi
24 November, 2026
Anvadhan
24 November, 2026
Bhishma Panchak Ends
24 November, 2026
Dev Diwali
24 November, 2026
Guru Nanak Jayanti
24 November, 2026
Karthigai Deepam
24 November, 2026
Kartika Ashtahnika Ends
24 November, 2026
Kartika Purnima
24 November, 2026
Kartika Purnima Vrat
24 November, 2026
Kartika Ratha Yatra
24 November, 2026
Pushkara Snana
24 November, 2026
Uttama Manvadi
25 November, 2026
Ishti
25 November, 2026
Margashirsha Begins *North
25 November, 2026
Rohini Vrat
27 November, 2026
Ganadhipa Sankashti Chaturthi
 1,25,000 कुबेर मंत्र जाप, 1,25,000 महालक्ष्मी मंत्र जाप एवं 108 कमल पुष्प अर्पण महापूजा
10 वर्षों का दुर्लभ धनतेरस - 21 ब्राह्मण कुबेर-लक्ष्मी महाअनुष्ठान

1,25,000 कुबेर मंत्र जाप, 1,25,000 महालक्ष्मी मंत्र जाप एवं 108 कमल पुष्प अर्पण महापूजा

धन संचय, बचत में वृद्धि, व्यवसायिक लाभ और आर्थिक विस्तार

puja venue
श्री गजलक्ष्मी मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
6 नवम्बर, शुक्रवार, कार्तिक कृष्ण द्वादशी (सुबह 10:30 बजे के बाद त्रयोदशी)
भव्य 3 दिवसीय 11 लाख लक्ष्मी बीज मंत्र जाप, श्री यंत्र पूजन राजोपचार पूजा और धन प्रकाश यज्ञ
भव्य 3 दिवसीय महापूजा - 10 साल का दुर्लभ धनतेरस उत्सव

भव्य 3 दिवसीय 11 लाख लक्ष्मी बीज मंत्र जाप, श्री यंत्र पूजन राजोपचार पूजा और धन प्रकाश यज्ञ

जीवन में धन और समृद्धि पाने के लिए माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें

puja venue
श्री गजलक्ष्मी मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
6 नवम्बर, शुक्रवार, कार्तिक कृष्ण द्वादशी (सुबह 10:30 बजे के बाद त्रयोदशी)
100 किलो लाल मिर्च अग्नि आहुति महायज्ञ एवं बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच अनुष्ठान के साथ 1,25,000 मूल मंत्र जाप
महाविद्या अग्नि रक्षा महा कवच विशेष

100 किलो लाल मिर्च अग्नि आहुति महायज्ञ एवं बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच अनुष्ठान के साथ 1,25,000 मूल मंत्र जाप

शत्रुओं पर विजय और कानूनी मामलों में सफल परिणामों के लिए मां बगलामुखी से आशीर्वाद

puja venue
सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर, हरिद्वार
puja date
7 नवम्बर, शनिवार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (सुबह 10:47 बजे के बाद)
3 दिवसीय 3 शक्तिपीठ महायज्ञ — दीपावली महाशक्ति अनुष्ठान
10 वर्षों बाद दुर्लभ धनतेरस से दीपावली तक 3 दिवसीय विशेष

3 दिवसीय 3 शक्तिपीठ महायज्ञ — दीपावली महाशक्ति अनुष्ठान

तीन दिव्य शक्ति स्वरूपों की कृपा से नकारात्मकता दूर करने और स्थायी समृद्धि पाने के लिए

puja venue
महालक्ष्मी अंबाबाई शक्तिपीठ, ललिता माता शक्तिपीठ, माँ विंध्यवासिनी शक्तिपीठ, कोल्हापुर, प्रयागराज, मिर्जापुर
puja date
6 नवम्बर, शुक्रवार, कार्तिक कृष्ण द्वादशी
कोल्हापुर महालक्ष्मी शक्तिपीठ में 11,000 लक्ष्मी बीज मंत्र जाप से अभिमंत्रित चाँदी के सिक्के
10 साल का दुर्लभ धनतेरस कोल्हापुर महालक्ष्मी विशेष – अभिमंत्रित चाँदी के सिक्कों की घर पर डिलीवरी

कोल्हापुर महालक्ष्मी शक्तिपीठ में 11,000 लक्ष्मी बीज मंत्र जाप से अभिमंत्रित चाँदी के सिक्के

जीवन में आर्थिक खुशहाली, प्रचुरता, धन, तरक्की और समृद्धि प्राप्त करने के लिए

puja venue
शक्तिपीठ मां महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर, कोल्हापुर, महाराष्ट्र
puja date
6 नवम्बर, शुक्रवार, कार्तिक कृष्ण द्वादशी, सुबह 10:30 बजे तक

सम्पूर्ण पंचांग, Aizawl, Mizoram, India

आज का दिन Aizawl, Mizoram, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सोमवार को हम कार्तिक के पवित्र माह में अष्टमी कृष्ण पक्ष पक्ष की कृष्ण पक्ष अष्टमी का पालन करते हैं। शरद ऋतु के चलते सूर्य तुला में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा कर्क में स्थित है। पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष अष्टमी 1:11 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र अश्लेषा है, जो 3:47 AM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग शुभ है, जो 12:06 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण कौलव है, जो 1:13 PM तक तक रहेगा।

Aizawl, Mizoram, India में आज सूर्योदय 5:24 AM पर और सूर्यास्त 4:38 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 11:42 PM पर और अस्त 12:15 PM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा उत्तर दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 10:39 AM से 11:23 AM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 6:49 AM से 8:13 AM, गुलिक काल 12:26 PM से 1:50 PM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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