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2 अप्रैल, 2026

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पूर्णिमा शुक्ल पक्ष,गुरुवार
चैत्र मास
वसंत,सिद्धार्थ 2083
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चैत्र मास
वसंत,सिद्धार्थ 2083
त्यौहार
Chaitra Navapada Oli Ends, Chaitra Purnima, Hanuman Jayanti, Ishti, Swarochisha Manvadi
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Chaitra Navapada Oli Ends, Chaitra Purnima, Hanuman Jayanti, Ishti, Swarochisha Manvadi

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
10:58 AM से 11:46 AM
10:58 AM से 11:46 AM
राहुकाल
राहुकाल
12:55 PM से 2:28 PM
12:55 PM से 2:28 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
8:16 AM से 9:49 AM
8:16 AM से 9:49 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
5:09 AM से 6:42 AM
5:09 AM से 6:42 AM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
7:42 AM तक
7:42 AM तक
नक्षत्र
हस्त
5:40 PM तक
5:40 PM तक
योग
ध्रुव
2:19 PM तक
2:19 PM तक
करण
बव
7:42 AM तक
7:42 AM तक
महीना अमान्त
चैत्र
महीना पूर्णिमांत
चैत्र
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
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2 April, 2026
Chaitra Navapada Oli Ends
2 April, 2026
Chaitra Purnima
2 April, 2026
Hanuman Jayanti
2 April, 2026
Ishti
2 April, 2026
Swarochisha Manvadi
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Vaishakha Begins *North
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Vikata Sankashti Chaturthi
10 April, 2026
Kalashtami
10 April, 2026
Masik Krishna Janmashtami
13 April, 2026
Vallabhacharya Jayanti
13 April, 2026
Varuthini Ekadashi
14 April, 2026
Ambedkar Jayanti
14 April, 2026
Baisakhi
14 April, 2026
Mesha Sankranti
14 April, 2026
Puthandu
14 April, 2026
Solar New Year
14 April, 2026
Vaishnava Varuthini Ekadashi
15 April, 2026
Pohela Boishakh
15 April, 2026
Pradosh Vrat
15 April, 2026
Vishu Kani
16 April, 2026
Masik Shivaratri
17 April, 2026
Anvadhan
17 April, 2026
Darsha Amavasya
17 April, 2026
Vaishakha Amavasya
18 April, 2026
Chandra Darshan
18 April, 2026
Ishti
19 April, 2026
Masik Karthigai
19 April, 2026
Parashurama Jayanti
20 April, 2026
Akshaya Tritiya
20 April, 2026
Matangi Jayanti
20 April, 2026
Treta Yuga
20 April, 2026
Varshitapa Parana
20 April, 2026
Vinayaka Chaturthi
21 April, 2026
Rohini Vrat
21 April, 2026
Shankaracharya Jayanti
21 April, 2026
Surdas Jayanti
22 April, 2026
Earth Day
22 April, 2026
Ramanuja Jayanti
22 April, 2026
Skanda Sashti
23 April, 2026
Ganga Saptami
24 April, 2026
Bagalamukhi Jayanti
24 April, 2026
Masik Durgashtami
25 April, 2026
Sita Navami
26 April, 2026
Mahavira Swami Kevalagyan
27 April, 2026
Mohini Ekadashi
27 April, 2026
Thrissur Pooram
28 April, 2026
Parashurama Dwadashi
29 April, 2026
Pradosh Vrat
30 April, 2026
Chhinnamasta Jayanti
30 April, 2026
Narasimha Jayanti
5100 हनुमान मूल मंत्र जाप, 5100 संकट मोचन हनुमानाष्टक, 23,000 शनि मंत्र जाप महापूजा
51 ब्राह्मण हनुमान जन्मोत्सव शनि शांति विशेष

5100 हनुमान मूल मंत्र जाप, 5100 संकट मोचन हनुमानाष्टक, 23,000 शनि मंत्र जाप महापूजा

शनि साढ़ेसाती, करियर की बाधाएं, भय, शत्रु कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए

puja venue
श्री नवग्रह शनि मंदिर, , उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
2 अप्रैल, गुरुवार, चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
11,000 हनुमान मूल मंत्र जाप, सुंदरकांड पाठ और कलेश विकार यज्ञ
हनुमान जन्मोत्सव हनुमान गढ़ी अयोध्या विशेष

11,000 हनुमान मूल मंत्र जाप, सुंदरकांड पाठ और कलेश विकार यज्ञ

जीवन की कठिनाइयों को दूर करने हेतु बल, बुद्धि और विद्या प्राप्ति के लिए

puja venue
श्री हनुमान गढ़ी मंदिर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश
puja date
2 अप्रैल, गुरुवार, चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
माँ बगलामुखी, काल भैरव और संकटमोचन हनुमान सर्व कष्ट निवारण पूजा और यज्ञ
हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा - बगलामुखी-भैरव-हनुमान संयुक्त विशेष

माँ बगलामुखी, काल भैरव और संकटमोचन हनुमान सर्व कष्ट निवारण पूजा और यज्ञ

शत्रुओं से सुरक्षा, नकारात्मकता को दूर करने और जीवन की बाधाओं से राहत के लिए

puja venue
सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर , हरिद्वार, उत्तराखंड
puja date
2 अप्रैल, गुरुवार, चैत्र शुक्ल पूर्णिमा

सम्पूर्ण पंचांग, Aizawl, Mizoram, India

आज का दिन Aizawl, Mizoram, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस गुरुवार को हम चैत्र के पवित्र माह में पूर्णिमा शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा का पालन करते हैं। वसंत ऋतु के चलते सूर्य मीन में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा कन्या में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 7:42 AM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र हस्त है, जो 5:40 PM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग ध्रुव है, जो 2:19 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण बव है, जो 7:42 AM तक तक रहेगा।

Aizawl, Mizoram, India में आज सूर्योदय 5:09 AM पर और सूर्यास्त 5:34 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 5:53 PM पर और अस्त 5:00 AM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल दक्षिण दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा दक्षिण दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 10:58 AM से 11:46 AM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 12:55 PM से 2:28 PM, गुलिक काल 8:16 AM से 9:49 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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