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19 अगस्त, 2026

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सप्तमी शुक्ल पक्ष,बुधवार
श्रावण मास
वर्षा,सिद्धार्थ 2083
सप्तमी शुक्ल पक्ष,बुधवार
श्रावण मास
वर्षा,सिद्धार्थ 2083
त्यौहार
Tulsidas Jayanti
त्यौहार
Tulsidas Jayanti

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:18 AM से 12:08 PM
11:18 AM से 12:08 PM
राहुकाल
राहुकाल
11:43 AM से 1:20 PM
11:43 AM से 1:20 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
10:06 AM से 11:43 AM
10:06 AM से 11:43 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
6:51 AM से 8:29 AM
6:51 AM से 8:29 AM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष सप्तमी
7:21 PM तक
7:21 PM तक
नक्षत्र
स्वाति
6:47 AM तक
6:47 AM तक
योग
ब्रह्म
3:44 AM तक
3:44 AM तक
करण
गर
6:31 AM तक
6:31 AM तक
महीना अमान्त
श्रावण
महीना पूर्णिमांत
श्रावण
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
सिंह
चंद्र राशि
तुला
दिशाशूल
उत्तर
चंद्र निवास
पश्चिम
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन
Takur Calendar
ठाकुर प्रसाद मासिक पंचांग देखें
Upcoming festivals
1 August, 2026
जयापार्वती व्रत समाप्त
2 August, 2026
संकष्टी चतुर्थी
3 August, 2026
श्रावण सोमवार व्रत *उत्तर
3 August, 2026
आदि पेरुक्कू
4 August, 2026
मंगला गौरी व्रत *उत्तर
5 August, 2026
कालाष्टमी
7 August, 2026
मासिक कार्तिगाई
8 August, 2026
रोहिणी व्रत
9 August, 2026
कामिका एकादशी
10 August, 2026
प्रदोष व्रत
10 August, 2026
श्रावण सोमवार व्रत *उत्तर
11 August, 2026
सावन शिवरात्रि
11 August, 2026
मंगला गौरी व्रत *उत्तर
12 August, 2026
श्रावण अमावस्या
12 August, 2026
दर्श अमावस्या
12 August, 2026
हरियाली अमावस्या
12 August, 2026
सूर्य ग्रहण
12 August, 2026
आदि अमावसाइ
14 August, 2026
चन्द्र दर्शन
14 August, 2026
अन्दल जयन्ती
15 August, 2026
हरियाली तीज
15 August, 2026
स्वतन्त्रता दिवस
16 August, 2026
विनायक चतुर्थी
17 August, 2026
नाग पञ्चमी
17 August, 2026
श्रावण सोमवार व्रत
17 August, 2026
स्कन्द षष्ठी
17 August, 2026
सिंह संक्रान्ति
17 August, 2026
मलयालम नव वर्ष
18 August, 2026
Kalki Jayanti
18 August, 2026
Mangala Gauri Vrat
18 August, 2026
Skanda Sashti
19 August, 2026
Tulsidas Jayanti
20 August, 2026
Masik Durgashtami
24 August, 2026
Damodara Dwadashi
24 August, 2026
Shravan Somwar Vrat
24 August, 2026
Shravana Putrada Ekadashi
25 August, 2026
Mangala Gauri Vrat
25 August, 2026
Pradosh Vrat
26 August, 2026
Onam
26 August, 2026
Rigveda Upakarma
27 August, 2026
Hayagriva Jayanti
27 August, 2026
Shravana Purnima Vrat
28 August, 2026
Anvadhan
28 August, 2026
Chandra Grahan *Anshika
28 August, 2026
Gayatri Jayanti
28 August, 2026
Narali Purnima
28 August, 2026
Rakhi
28 August, 2026
Raksha Bandhan
28 August, 2026
Sanskrit Diwas
28 August, 2026
Shravana Purnima
28 August, 2026
Varalakshmi Vrat
28 August, 2026
Yajurveda Upakarma
29 August, 2026
Bhadrapada Begins *North
29 August, 2026
Gayatri Japam
29 August, 2026
Ishti
31 August, 2026
Bahula Chaturthi
31 August, 2026
Heramba Sankashti Chaturthi
31 August, 2026
Kajari Teej
31 August, 2026
Maha Sangada Hara Chathurti
अंतिम सोमवार 1,25,000 शिव मंत्र जाप, 1,25,000 भैरव मंत्र जाप, 1,25,000 काली मंत्र जाप एवं बाधा मुक्ति महायज्ञ
अंतिम सावन सोमवार - ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ, काल भैरव काशी विशेष

अंतिम सोमवार 1,25,000 शिव मंत्र जाप, 1,25,000 भैरव मंत्र जाप, 1,25,000 काली मंत्र जाप एवं बाधा मुक्ति महायज्ञ

नकारात्मकता और छिपी हुई बाधाओं से रक्षा तथा त्रिशक्ति का दिव्य संरक्षण प्राप्त करने के लिए

puja venue
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, कालीघाट शक्तिपीठ मंदिर, काल भैरव मंदिर काशी, खंडवा, मध्य प्रदेश; कोलकाता, पश्चिम बंगाल; वाराणसी, उत्तर प्रदेश
puja date
24 अगस्त, सोमवार, सावन कृष्ण द्वादशी
माँ बगलामुखी, माँ काली, माँ तारा, माँ षोडशी और माँ भुवनेश्वरी शक्ति-समृद्धि महायज्ञ
दुर्गा अष्टमी शक्ति-समृद्धि 5 महाविद्या अनुष्ठान

माँ बगलामुखी, माँ काली, माँ तारा, माँ षोडशी और माँ भुवनेश्वरी शक्ति-समृद्धि महायज्ञ

नकारात्मकता से रक्षा और समृद्धि के लिए

puja venue
शक्तिपीठ कालीघाट मंदिर, कोलकत्ता, पश्चिम बंगाल
puja date
20 अगस्त, गुरुवार, सावन शुक्ल अष्टमी
अंतिम सावन सोमवार पर 1,000 ब्राह्मणों द्वारा 1,00,00,000 (1 करोड़) पंचाक्षरी महामंत्र जाप एवं 1,000 लीटर गंगाजल से महा रुद्राभिषेक
पहली बार 1000 ब्राह्मणों द्वारा भव्य 1 करोड़ मंत्र जाप विशेष

अंतिम सावन सोमवार पर 1,000 ब्राह्मणों द्वारा 1,00,00,000 (1 करोड़) पंचाक्षरी महामंत्र जाप एवं 1,000 लीटर गंगाजल से महा रुद्राभिषेक

मनोकामना पूर्ति, जीवन में संतुष्टि और संपूर्ण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन

puja venue
श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
puja date
24 अगस्त, सोमवार, सावन शुक्ल द्वादशी

सम्पूर्ण पंचांग, Katihar, Bihar, India

आज का दिन Katihar, Bihar, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस बुधवार को हम श्रावण के पवित्र माह में सप्तमी शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष सप्तमी का पालन करते हैं। वर्षा ऋतु के चलते सूर्य सिंह में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा तुला में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष सप्तमी 7:21 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र स्वाति है, जो 6:47 AM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग ब्रह्म है, जो 3:44 AM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण गर है, जो 6:31 AM तक तक रहेगा।

Katihar, Bihar, India में आज सूर्योदय 5:14 AM पर और सूर्यास्त 6:11 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 11:23 AM पर और अस्त 10:12 PM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल उत्तर दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पश्चिम दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:18 AM से 12:08 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 11:43 AM से 1:20 PM, गुलिक काल 10:06 AM से 11:43 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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