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24-08-2026
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24 अगस्त, 2026

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द्वादशी शुक्ल पक्ष,सोमवार
श्रावण मास
वर्षा,सिद्धार्थ 2083
द्वादशी शुक्ल पक्ष,सोमवार
श्रावण मास
वर्षा,सिद्धार्थ 2083
त्यौहार
वैष्णव श्रावण पुत्रदा एकादशी, दामोदर द्वादशी, श्रावण सोमवार व्रत
त्यौहार
वैष्णव श्रावण पुत्रदा एकादशी, दामोदर द्वादशी, श्रावण सोमवार व्रत

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:52 AM से 12:42 PM
11:52 AM से 12:42 PM
राहुकाल
राहुकाल
7:27 AM से 9:03 AM
7:27 AM से 9:03 AM
गुलिक काल
गुलिक काल
1:54 PM से 3:31 PM
1:54 PM से 3:31 PM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
10:40 AM से 12:17 PM
10:40 AM से 12:17 PM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष द्वादशी
6:22 AM तक
6:22 AM तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
8:29 PM तक
8:29 PM तक
योग
प्रीति
7:05 AM तक
7:05 AM तक
करण
बव
5:20 PM तक
5:20 PM तक
महीना अमान्त
श्रावण
महीना पूर्णिमांत
श्रावण
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
सिंह
चंद्र राशि
धनु
दिशाशूल
पूर्व
चंद्र निवास
पूर्व
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन
Takur Calendar
ठाकुर प्रसाद मासिक पंचांग देखें
Upcoming festivals
1 August, 2026
जयापार्वती व्रत समाप्त
2 August, 2026
संकष्टी चतुर्थी
3 August, 2026
श्रावण सोमवार व्रत *उत्तर
3 August, 2026
आदि पेरुक्कू
4 August, 2026
मंगला गौरी व्रत *उत्तर
5 August, 2026
कालाष्टमी
7 August, 2026
मासिक कार्तिगाई
8 August, 2026
रोहिणी व्रत
9 August, 2026
कामिका एकादशी
10 August, 2026
प्रदोष व्रत
10 August, 2026
श्रावण सोमवार व्रत *उत्तर
11 August, 2026
सावन शिवरात्रि
11 August, 2026
मंगला गौरी व्रत *उत्तर
12 August, 2026
श्रावण अमावस्या
12 August, 2026
दर्श अमावस्या
12 August, 2026
हरियाली अमावस्या
12 August, 2026
सूर्य ग्रहण
12 August, 2026
आदि अमावसाइ
14 August, 2026
चन्द्र दर्शन
14 August, 2026
अन्दल जयन्ती
15 August, 2026
हरियाली तीज
15 August, 2026
स्वतन्त्रता दिवस
16 August, 2026
विनायक चतुर्थी
17 August, 2026
नाग पञ्चमी
17 August, 2026
श्रावण सोमवार व्रत
17 August, 2026
स्कन्द षष्ठी
17 August, 2026
सिंह संक्रान्ति
17 August, 2026
मलयालम नव वर्ष
18 August, 2026
कल्की जयन्ती
18 August, 2026
मंगला गौरी व्रत
19 August, 2026
तुलसीदास जयन्ती
20 August, 2026
मासिक दुर्गाष्टमी
23 August, 2026
श्रावण पुत्रदा एकादशी
24 August, 2026
वैष्णव श्रावण पुत्रदा एकादशी
24 August, 2026
दामोदर द्वादशी
24 August, 2026
श्रावण सोमवार व्रत
25 August, 2026
मंगला गौरी व्रत
25 August, 2026
प्रदोष व्रत
26 August, 2026
ऋग्वेद उपाकर्म
26 August, 2026
ओणम
27 August, 2026
पूर्णिमा उपवास
27 August, 2026
यजुर्वेद उपाकर्म
27 August, 2026
हयग्रीव जयन्ती
28 August, 2026
श्रावण पूर्णिमा
28 August, 2026
वरलक्ष्मी व्रत
28 August, 2026
राखी
28 August, 2026
रक्षा बन्धन
28 August, 2026
गायत्री जयन्ती
28 August, 2026
नारली पूर्णिमा
28 August, 2026
चन्द्र ग्रहण
28 August, 2026
गायत्री जापम
28 August, 2026
संस्कृत दिवस
29 August, 2026
भाद्रपद प्रारम्भ *उत्तर
31 August, 2026
कजरी तीज
31 August, 2026
संकष्टी चतुर्थी
31 August, 2026
संकटहरा चतुर्थी *तमिल
31 August, 2026
बोल चौथ *गुजरात
सावन विशेष ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग रुद्राभिषेक महापूजा
सावन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विशेष

सावन विशेष ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग रुद्राभिषेक महापूजा

उत्तम स्वास्थ्य, नज़र दोष, सकारात्मक ऊर्जा

puja venue
श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, खंडवा, मध्य प्रदेश
puja date
28 अगस्त, शुक्रवार, सावन शुक्ल पूर्णिमा
राहु चंद्र ग्रहण दोष शांति यज्ञ एवं 18,00,000 राहु मूल मंत्र जाप तथा 1,00,000 चंद्र मूल मंत्र जाप
18 वर्षों बाद दुर्लभ सावन चंद्र ग्रहण – राहु–चंद्र शांति विशेष

राहु चंद्र ग्रहण दोष शांति यज्ञ एवं 18,00,000 राहु मूल मंत्र जाप तथा 1,00,000 चंद्र मूल मंत्र जाप

मानसिक स्थिरता तथा राहु और चंद्र के अशुभ प्रभावों से सुरक्षा की प्रार्थना हेतु

puja venue
श्री नवग्रह शनि मंदिर, श्री राहु पैठाणी मंदिर, डबरा, पौड़ी | मध्य प्रदेश, उत्तराखंड
puja date
28 अगस्त, शुक्रवार, सावन शुक्ल पूर्णिमा
100 किलो लाल मिर्च अग्नि आहुति महायज्ञ, बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच अनुष्ठान एवं 1,25,000 मूल मंत्र जाप
सावन ग्रहण पूर्णिमा महाविद्या अग्नि रक्षा महाकवच विशेष

100 किलो लाल मिर्च अग्नि आहुति महायज्ञ, बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच अनुष्ठान एवं 1,25,000 मूल मंत्र जाप

दिव्य संरक्षण, नकारात्मक ऊर्जा से राहत, नज़र दोष से रक्षा

puja venue
सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर, हरिद्वार
puja date
28 अगस्त, शुक्रवार, सावन शुक्ल पूर्णिमा

सम्पूर्ण पंचांग, Aligarh, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Aligarh, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सोमवार को हम श्रावण के पवित्र माह में द्वादशी शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष द्वादशी का पालन करते हैं। वर्षा ऋतु के चलते सूर्य सिंह में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा धनु में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष द्वादशी 6:22 AM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, जो 8:29 PM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग प्रीति है, जो 7:05 AM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण बव है, जो 5:20 PM तक तक रहेगा।

Aligarh, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 5:50 AM पर और सूर्यास्त 6:44 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 4:26 PM पर और अस्त 1:57 AM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पूर्व दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:52 AM से 12:42 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 7:27 AM से 9:03 AM, गुलिक काल 1:54 PM से 3:31 PM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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