🔱✨ वर्ष में एकमात्र बार - शारदीय महानवरात्रि की वह महाअष्टमी, जब विंध्यवासिनी सिद्धपीठ के समस्त द्वार सम्पूर्ण शक्ति के साथ खुलते हैं और महानवमी ख़त्म होते होते यह बंद हो जाते हैं - ऐसे में एक भी क्षण व्यर्थ न करें।
🌸जीवन में कभी-कभी बार-बार परीक्षा देते हैं, असफल होते हैं। व्यापार में मेहनत करते हैं, पर परिणाम नहीं। नौकरी के लिए प्रयास करते हैं, पर सफलता हाथ नहीं लगती है और लाख कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं बदलता। लेकिन अब समय आ गया है जब आपकी क़िस्मत बदलेगी और आपको आपकी हर समस्या का समाधान मिल सकता है - माँ विंध्यवासिनी के चरणों में समर्पण कर। जब सारे दरवाज़े बंद होते हैं, तब माँ स्वयं अपने भक्तों के लिए नए रास्ते बनाती है।
📖शास्त्रों के इस कथन को सत्य करने के लिए ही बना है यह महा अष्टमी-महा नवमी महा मुहूर्त।जिसमें माँ अपनी संपूर्ण शक्तियों के साथ सबसे अधिक जागृत होती है, अपने भक्तों पर दृष्टि डालती है और हर किसी की बाधा का समाधान देती है।
🤔 यह अवसर वर्ष में केवल एक बार क्यों?
📜भागवत पुराण के अनुसार, महाअष्टमी वह पावन तिथि है, जब माँ भगवती ने रक्तबीज, चंड और मुंड का संहार किया - जब सम्पूर्ण ब्रह्मांड की नकारात्मक शक्तियाँ माँ के सामने परास्त हुईं। जब माँ अपने उग्रतम और कृपालुतम दोनों रूपों में एक साथ जाग्रत होती हैं। शास्त्र कहते हैं - सिर्फ महा अष्टमी-नवमी पर भी माँ को अर्पण - सम्पूर्ण नवरात्रि के नौ दिनों के पूजन के बराबर फल देता है।
🌸 विंध्यवासिनी 'सिद्धपीठ' - यहाँ प्रार्थना शीघ्र फलती है:
माँ विंध्यवासिनी किसी भी शक्तिपीठ से भी विशेष जहाँ माँ अपनी पूर्ण, जीवन्त उपस्थिति में स्वयं विराजमान हैं, जहाँ माँ स्वयं की इच्छा से आई हैं। यहाँ 'प्रार्थनाएँ शीघ्र फलती हैं।' शास्त्र और पीढ़ियों की आस्था एकसाथ यही कहती है - माँ यहाँ 'तुरंत सुनती हैं और तुरंत फल देती हैं।'
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे माँ विंध्यवासिनी सिद्धपीठ पर संकल्प:
विंध्याचल जाकर, नवरात्रि महाअष्टमी की 3-5 घंटे की लम्बी कतार में खड़े होकर माँ का दर्शन करना सबके लिए सम्भव नहीं। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे महाअष्टमी के सिद्ध मुहूर्त में अपने नाम से माँ को चढ़ावा संकल्प करवा सकते हैं। शक्तिपीठ के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से अर्पण सम्पन्न कराएंगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏माँ विंध्यवासिनी के चरणों में अपनी सफलता की कामना रखें और 'सफलता प्रदायिनी' माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें।