🪷धनतेरस महापर्व पर उज्जैन के माँ गजलक्ष्मी मंदिर में होने वाले विशाल 500 लीटर दूध के महा अभिषेक में हिस्सा लें और जन्मों के दरिद्र दोष, आर्थिक बाधाओं और कर्जों से शांति पाएं।
📜विष्णु पुराण और भागवत पुराण में वर्णित है जब देवताओं और दानवों ने मिलकर क्षीरसागर (दूध का महासागर) का मंथन किया, तब उस असीम श्वेत सागर की गहराइयों से कमल पर विराजमान, स्वर्ण-आभा में दीप्त माँ लक्ष्मी प्रकट हुईं। उस दिव्य क्षण में दो दिव्य गजराज (हाथी) स्वर्ण-कलशों में दूध भरकर माँ पर अभिषेक करने लगे समस्त देवलोक ने उन्हें नमन किया। माँ ने भगवान विष्णु को पति रूप में स्वीकार किया। इसीलिए माँ का एक नाम है 'क्षीरसागरकन्यका', भी पड़ा, जिसका अर्थ है दूध के महासागर से जन्मी।
🌟दूध माँ गजलक्ष्मी का जन्म-तत्व है। धनतेरस पर उन्हें दुग्धाभिषेक करना इसीलिए सर्वोच्च अर्पण है आप माँ को उन्हीं के उद्गम-तत्व से, उन्हीं के प्रथम अभिषेक की स्मृति में, उन्हीं के सिद्ध तीर्थ में स्नान करा रहे हैं।
🐘ऐरावत-आरूढ़ गजलक्ष्मी - जिन्होंने इंद्र एवं विक्रमादित्य का खोया राजपाठ लौटाया:
🪐जब शनि की साढ़ेसाती ने सम्राट विक्रमादित्य का सम्पूर्ण राज्य, वैभव और मान-सम्मान छीन लिया, तब उन्होंने माँ गजलक्ष्मी की अष्टलक्ष्मी साधना की। माँ ने प्रसन्न होकर उनकी राजलक्ष्मी पुनः लौटाई और वरदान माँगने पर कहा "उज्जैन नगरी सदा धन-धान्य से परिपूर्ण रहे।" माँ ने 'तथास्तु' कहा और इस नगर में सदा के लिए वास किया। तभी से यह प्रतिमा विक्रमादित्य की 'राजलक्ष्मी' कहलाती है। यदि आपका भी धन खोया है व्यापार ठप है ऋण ने जकड़ा है साढ़ेसाती ने तोड़ा है तो वह तीर्थ जहाँ एक सम्राट को उनकी राजलक्ष्मी वापस मिली, वही आपके लिए भी द्वार खोल सकता है।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे गजलक्ष्मी दुग्धाभिषेक:
💰धनतेरस पर उज्जैन जाकर इस 500 लीटर सामूहिक दूध महाभिषेक में स्वयं सहभागी होना हर किसी के लिए संभव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे इस सिद्ध तीर्थ पर अपने नाम से इस महाभिषेक में सहभागी हो सकते हैं। मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से अभिषेक सम्पन्न कराएँगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏धनतेरस पर 500 लीटर दूध के माँ का दिव्य महा अभिषेक कर - घर में स्थिर लक्ष्मी को आमंत्रित करें! अभी महाभिषेक में हिस्सा लें।