🌿गणेश चतुर्थी ही वह तिथि हैं, जब माँ पार्वती ने अपनी काया के उबटन से गणेश की रचना की और उन्हें जीवन दिया। गणपति प्रथमपूज्य बनें और सभी विघ्नों के विघ्न विनाशक! यह उनकी जन्मतिथि है जब वह सबसे अधिक प्रसन्न और वरदायक स्वरूप में होते हैं - ऐसे में जन्मोत्सव पर उन्हें भेंट देना न भूलें।
शास्त्रों का गूढ़ सत्य: गणेश के तीन मुख्य स्वरूप हैं, चिंतामण (चिंता-हरण), विघ्नेश्वर (विघ्न-नाशन) और सिद्धिविनायक (सिद्धि-दान)। जब जीवन में कोई मनोकामना अधूरी होती है, उसके तीन कारण होते हैं: चिंता (मन अशांत है), विघ्न (मार्ग में बाधा है), सिद्धि का अभाव (फल नहीं मिलता)। इन तीनों का एक साथ निवारण तभी होता है जब तीनों स्वरूपों एकसाथ प्रसन्न हो।
🛕 'त्रि-गणेश त्रि-शक्ति कवच' - तीन क्षेत्र, तीन शक्तियाँ:
श्री चिंतामण गणेश मंदिर, उज्जैन भारत का एकमात्र मंदिर जहाँ गणेश के तीन स्वरूप एक साथ विराजित हैं। स्वयंभू विग्रह, ऋद्धि-सिद्धि दोनों पार्श्व में यहाँ दर्शन मात्र से सभी चिंताएँ हरती हैं और इच्छामन-सिद्धिविनायक स्वरूप से मनोकामना पूर्ण होती है।
श्री बड़ा गणेश मंदिर, उज्जैन ब्रह्माण्ड के नाभि-केंद्र में सात मोक्षपुरियों के पावन जल से निर्मित 25 फीट के दक्षिणावर्ती सिद्धि-विनायक। जहां अर्पण करने से हर विघ्न का नाश होता है।
श्री सिद्धिविनायक चाँदीचा गणपति, नाशिक व्यापारियों के सामूहिक संकल्प से निर्मित 251 किलो चाँदी का जाग्रत गणेश, जहाँ 365 दिन गणेश उत्सव होता हैं, यहाँ जब बप्पा के चरणों में आपके नाम से अर्पण होता है और हर रुके हुए कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है।
🌿🍬 मोदक एवं दूर्वा ही क्यों - 'अथर्वशीर्ष-प्रमाणित सम्पूर्ण उपाय'?
गणपति अथर्वशीर्ष का शाश्वत वचन: "यो दूर्वाङ्कुरैर्यजति स वैश्रवणोपमो भवति।" दूर्वा अर्पण करने वाला कुबेर के समान धनवान होता है। और: "यो मोदक सहस्रेण यजति स वाञ्छितफलमवाप्नोति।" मोदक अर्पण से इच्छित फल मिलता है। दूर्वा = अनलासुर-कथा-प्रमाणित विघ्न-शमन। मोदक = पद्म पुराण-प्रमाणित मनोकामना-पूर्ति। दोनों अकेले भी शक्तिशाली हैं, किन्तु दोनों एक साथ तीन क्षेत्रों पर = विघ्न भी हटा, कुबेर-वैभव भी मिला, मनोकामना भी पूर्ण।'
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे तीन क्षेत्रों पर एक साथ चढ़ावा:
उज्जैन और नाशिक - दो शहरों के तीन मंदिरों पर एक ही दिन जाकर चढ़ावा अर्पित करवाना किसी के लिए असम्भव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से तीन जाग्रत गणेश क्षेत्रों पर एक साथ मोदक-दूर्वा चढ़ावा संकल्प करवा सकते हैं। तीनों मंदिरों के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से गणेश जन्मोत्सव के सिद्ध मुहूर्त में आपके नाम-गोत्र का संकल्प लेकर चढ़ावा अर्पित करेंगे। तीनों मंदिरों से वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏 3 जाग्रत गणेश क्षेत्रों पर एक साथ मोदक-दूर्वा चढ़ावा संकल्प में सहभागी बनें और जीवन की हर चिंता, हर विघ्न और हर अधूरी मनोकामना से मुक्ति पाएँ - अभी बुक करें!