महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा

महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG खिचड़ी ज़रूरतमंद सेवा

कुछ सेवाएँ एक बहुत सरल सवाल से शुरू होती हैं - आखिरी बार आपने कब यह सुनिश्चित किया था कि आपके आसपास कोई भूखा न सोए? नवरात्रि के प्रथम दिन जब हम माँ की आराधना कर रहे होंगे, उसी समय कुछ लोग ऐसे भी होंगे जिनके पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं होगा। उनके लिए यह पावन दिन भी किसी सामान्य कठिन दिन जैसा हो सकता है।
उनके हाथों में गरम खिचड़ी की एक थाली उनकी हर परेशानी दूर नहीं कर सकती, लेकिन यह एहसास ज़रूर दे सकती है कि आज उन्हें किसी ने भुलाया नहीं। यही इस 101 किलो खिचड़ी अन्न सेवा का भाव है।

नवरात्रि में भोजन सेवा क्यों करें?
देवी भागवत में ऐसे समय का वर्णन मिलता है जब 100 वर्षों तक चले अकाल से पूरी धरती त्रस्त हो गई थी। भूख से व्याकुल लोगों और धरती की पुकार सुनकर माँ दुर्गा शाकंभरी देवी के रूप में प्रकट हुईं और स्वयं भूखों का पालन-पोषण किया।
नवरात्रि में भोजन सेवा करना केवल माँ की पूजा करना नहीं, बल्कि उनके उसी करुणामय भाव को अपने कर्मों में उतारना है - भूखे को भोजन कराना।

101 किलो खिचड़ी सेवा क्यों?
धार्मिक परंपरा में 100 को पूर्णता का प्रतीक माना जाता है, जबकि 101 में जुड़ा एक अंक माँ दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद से जोड़ा जाता है।
खिचड़ी से जुड़ी एक सुंदर कथा भी मिलती है। जब भगवान शिव भिक्षा पात्र लेकर माँ अन्नपूर्णा के पास पहुँचे, तब माँ ने उन्हें खिचड़ी खिलाई। सरल, पौष्टिक और सात्त्विक खिचड़ी उस करुणा का प्रतीक बन गई, जिसमें भूख लेकर आए व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के भोजन कराया जाता है। आज किसी ज़रूरतमंद को खिचड़ी भोजन कराना उसी करुणा और सेवा के भाव को आगे बढ़ाना है।

श्री नव दुर्गा मंदिर, कटरा में ही क्यों?
श्री नव दुर्गा मंदिर एक पावन तीर्थ है, जहाँ माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पिंडी स्वरूप में पूजा की जाती है। इनमें माँ अन्नपूर्णा का स्वरूप भी शामिल है। माँ अन्नपूर्णा के नाम में ही अन्न सेवा का भाव छिपा है - ‘अन्न’ अर्थात भोजन और ‘पूर्णा’ अर्थात पूर्णता। इसलिए यहाँ की गई अन्न सेवा केवल एक देवी स्वरूप के प्रति श्रद्धा नहीं, बल्कि उन सभी नौ शक्ति स्वरूपों की पावन उपस्थिति में की गई सेवा का भाव रखती है।

श्री मंदिर के माध्यम से नवरात्रि के प्रथम दिन आपके नाम से श्री नव दुर्गा मंदिर, कटरा में 101 किलो खिचड़ी अन्न सेवा कराई जाएगी। सेवा का वीडियो आपको 24–48 घंटे के भीतर साझा किया जाएगा।
यह बुकिंग एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है, जिसे प्रत्येक सहभागी के योगदान से सार्थकता मिलती है। मिलकर किए गए इस सेवा प्रयास के माध्यम से हम इस पावन पहल को आगे बढ़ाने और अधिक ज़रूरतमंद लोगों तक भोजन पहुँचाने में सक्षम होते हैं।
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
अपनी सेवा चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook