सोमवार एवं एकादशी के शुभ महायोग पर महा अर्पण - महादेव, श्रीकृष्ण, विष्णु, लक्ष्मी एवं खाटू के श्रेष्ठ मंदिरों में महाचढ़ावा करें। कामना सिद्धि का वरदान, कुंडली दोष का समाधान एवं हर क्षेत्र में विजय प्राप्ति आशीर्वाद पाएं!
📙 स्कंद पुराण और शिव पुराण में वर्णित है कि जब एकादशी तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो वह अमृत योग के समान फलदायी हो जाती है। जहाँ एकादशी मन को शुद्ध कर विष्णु लोक का द्वार खोलती है, वहीं सोमवार महादेव की कृपा से मानसिक शांति और आरोग्यता प्रदान करता है। इस महायोग में की गई आराधना साधक को सांसारिक सुख और मोक्ष, दोनों का आशीर्वाद एकसाथ प्रदान करती है।
🛕 पाँच सिद्ध पीठ: अटूट सुरक्षा और समृद्धि का संगम
इस पावन अवसर पर, इन 5 जाग्रत केंद्रों पर चढ़ावा अर्पित करें 👇
🔸 विष्णु पद वेदी: वायु पुराण के अनुसार, गया में विष्णु के चरणों का सानिध्य पितरों को तृप्त करता है और आपके सात जन्मों के संचित कर्मों का शोधन करता है।
🔸 ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: साक्षात शिव स्वरूप यह ज्योतिर्लिंग मन के भय और रोगों का नाश करता है। सोमवार के दिन यहाँ अर्पण करने से चंद्रमा के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
🔸 खाटू श्याम मंदिर: उज्जैन की पावन भूमि पर 'हारे का सहारा' बाबा श्याम का आशीर्वाद। महाभारत के इस महान योद्धा की कृपा से कठिन से कठिन बाधाएं दूर होती हैं और जीत सुनिश्चित होती है।
🔸 अंबाबाई शक्तिपीठ: देवी भागवत के अनुसार, यह 18 मुख्य शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ अर्पण करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और नकारात्मक शक्तियाँ घर की चौखट को पार नहीं कर पातीं।
🔸 राधा दामोदर मंदिर: श्री जीव गोस्वामी द्वारा स्थापित यह मंदिर साक्षात वैकुंठ का अनुभव है। यहाँ दामोदर रूप में प्रभु की सेवा करने से जीवन में माधुर्य और अटूट शांति का कवच निर्मित होता है।
श्रीहरि, हरि रूप कृष्ण, महादेव, बाबा श्याम और माँ अंबाबाई की संयुक्त कृपा प्राप्त करने के लिए आज ही अपना चढ़ावा बुक करें और इस महायोग का लाभ उठाएं!







श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
हवन आहुति दान एक अत्यंत पुण्यदायक कर्म है, जिसमें अग्नि के माध्यम से देवी-देवताओं को विशेष अर्पण अर्पित किया जाता है। इसमें शुद्ध घी, जौ, तिल, लकड़ी, हवन सामग्री आदि को मंत्रों के साथ अग्नि में समर्पित किया जाता है। यह आहुति न केवल वातावरण को पवित्र करती है, बल्कि साधक के पापों का क्षय, मानसिक शुद्धि और ग्रह दोषों से मुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त करती है!
आराधना सेवा वह भक्ति प्रक्रिया है, जिसमें श्रद्धालु किसी विशेष देवता की नियमित आराधना, मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ, अर्पण या अभिषेक आदि के माध्यम से गहन श्रद्धा और नियमपूर्वक आराधना करता है। यह सेवा न केवल आत्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मनोकामना सिद्धि और ईश्वरीय कृपा का मार्ग भी खोलती है। आराधना सेवा से भक्त और भगवान के बीच एक दिव्य संबंध स्थापित होता है, जो जीवन के हर संकट में सहारा और मार्गदर्शन देता है।
सेवा बुकिंग के बाद आपको WhatsApp के माध्यम से अपडेट्स मिलते रहेंगे। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप के "सेवा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपनी सेवा की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे सेवा बुक करने का अवसर प्रदान करता है। आप एक से अधिक सेवाएं चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपकी सेवा में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119 या 📞08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।
"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
"हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।"