✨वर्ष की सर्वोच्च एकादशी - जब 24 एकादशियों का पुण्य एक दिन में मिले और 3 पावन नदियों पर पितरों का तर्पण हो!
कुछ दर्द दिखते नहीं। परिवार में पीढ़ियों से एक ही प्रकार की समस्याएँ चलती रहती हैं - धन आता है पर ठहरता नहीं, विवाह बनते-बनते टूटते हैं, संतान पर संकट रहते हैं, करियर में बाधाएँ आती हैं। कारण स्पष्ट नहीं होता। शास्त्रों में इसका नाम है - पितृ दोष। वह कर्म-ऋण जो तब बनता है जब पूर्वजों की आत्माएँ अतृप्त रहती हैं, उनकी अंतिम इच्छाएँ अपूर्ण रहें। और वह ऋण पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता रहता है - जब तक उसे चुकाया न जाए।
ऐसे में 24 एकादशी समान पुण्यदायी निर्जला एकादशी पर एकसाथ अपने पितरों का ऋण चुकाने हेतु पितृ तर्पण करें - पितृदेव श्री हरि को प्रसन्न कर पितरों को सम्पूर्ण मोक्ष प्रदान करें।
🌊 तीन नदियाँ - एक सम्पूर्ण पितृ-मुक्ति:
अस्सी घाट, काशी: मोक्ष-नगरी में, गंगा-अस्सी संगम पर तर्पण। स्कंद पुराण में वर्णित - काशी के पंच-घाट तर्पण में जहाँ अस्सी घाट का विशेष स्थान है। काशी में पितृ तर्पण पूर्वजों को नरक से मुक्त कर उच्च लोकों में पहुँचाता है।
त्रिवेणी संगम, प्रयागराज: जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का महामिलन होता है। गरुड़ पुराण और मत्स्य पुराण दोनों में स्पष्ट है - संगम पर किया गया तर्पण पूर्वजों को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त करता है।
गंगा घाट, हरिद्वार: जहाँ अमृत की बूँदें गिरी थीं और माँ गंगा ने भागीरथ के 60 हजार पूर्वजों को मोक्ष प्रदान किया था।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे तीनों तीर्थों पर तर्पण:
एक ही दिन में काशी, प्रयागराज और हरिद्वार - तीनों में स्वयं जाकर तर्पण करवाना किसी भी भक्त के लिए असंभव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे तीनों पवित्र तीर्थों पर अपने नाम-गोत्र से पितृ तर्पण करवा सकते हैं। प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से, आपके नाम-गोत्र का संकल्प लेकर, तर्पण सम्पन्न कराएंगे। तीनों तीर्थों से वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏 निर्जला एकादशी वर्ष में एक बार आती है। पितृ दोष का वह बोझ - जो पीढ़ियों से परिवार को पीड़ित कर रहा है। आज 3 पवित्र नदियों पर तर्पण से हल्का हो सकता है। पूर्वजों को शांति मिलेगी। परिवार को उनका आशीर्वाद मिलेगा। अभी बुक करें - निर्जला एकादशी पितृ-मुक्ति 3 तीर्थ तर्पण।