मासिक शिवरात्रि 21L महा जलाभिषेक एवं 108 बिल्वपत्र अर्पण
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मासिक शिवरात्रि 21L महा जलाभिषेक एवं 108 बिल्वपत्र अर्पण

🔱समुद्र मंथन से जब विष निकला तो देवाधिदेव महादेव ने उस कालकूट को ग्रहण कर संपूर्ण सृष्टि की रक्षा की- विष की पीड़ा से पीड़ित महादेव को उस समय केवल अखंड जलधारा का महाभिषेक एवं बेलपत्र ने ही राहत प्रदान की थी।
जैसे उस समय महादेव ने संपूर्ण सृष्टि को विष की पीड़ा से मुक्ति दिलायी और महादेव को जलाभिषेक एवं बेलपत्र के अर्पण ने राहत प्रदान की। ठीक वैसे ही आज भी जब आप उनका महाभिषेक करते हैं और उन्हें बेलपत्र चढ़ाते हैं तो - वह आपके जीवन का कोई भी विष, कोई भी संकट, कोई भी दोष शेष नहीं रहने देते है।
नीलकंठेश्वर महादेव शिव का वही स्वरूप है जब उन्होंने विष को धारण किया और उनका पूरा कंठ नीला पड़ गया। काशी में स्थित यह भगवान शिव के इसी नीलकंठेश्वर स्वरूप को समर्पित हैं और भाद्रपद की मासिक शिवरात्रि जब शिव की संपूर्ण ऊर्जा अपने चरम पर होगी तब किया गया महाभिषेक सामान्य दिनों की तुलना में अनंत गुना फल देता है।
🔱21 लीटर जलाभिषेक: यह संख्या क्यों?
वैदिक शास्त्रों के अनुसार, भगवान रुद्र के 21 स्वरूप माने गए हैं, जिन्हें 'एकविंशति रुद्र' कहा जाता है: 11 एकादश रुद्र: (जैसा कि 'श्री रुद्रम्' में वर्णित हैं) 10 अतिरिक्त रुद्र स्वरूप: (जिनका वर्णन 'शतपथ ब्राह्मण' में मिलता है)
जब 21 लीटर जल का अभिषेक किया जाता है, तो इसके पीछे का विधान अत्यंत गहरा है: यह रुद्र के एक विशिष्ट स्वरूप का साक्षात् आह्वान है। बिना अवकाश के आह्वान: 21 लोटे जल जब एक अखंड धारा में गिरता है, तो रुद्र के सभी 21 स्वरूपों की दिव्य ऊर्जा एक साथ जागृत होती है।
शिव पुराण का पावन वचन: "बिल्वपत्रस्य एकं दानं भुक्तिं मोक्षं प्रयच्छति।"
एक बेलपत्र अर्पित करने का फल भुक्ति (सांसारिक सुख) और मोक्ष (परम मुक्ति), दोनों एक साथ प्राप्त होना है। अर्पण की अन्य कोई भी सामग्री यह दोहरा फल एक साथ नहीं देती।बेलपत्र के तीन पत्ते: शिव के तीन नेत्र (भूत, वर्तमान, भविष्य), त्रिगुण (सत्व, रज, तम) - त्रिशूल के तीन दन्त। एक बेलपत्र चढ़ाने से आपको 3 जन्मों के पापों से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मासिक शिवरात्रि शिवजी की सबसे जागृत रात्रि में से एक हैं - इस दिन इतने भव्य सेवा में भाग लेने का मौक़ा व्यर्थ न करें - प्रभु को अपने नाम से जलाभिषेक एवं बिल्वपत्र अर्पण कर संपन्न करें।
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