पितृ पक्ष नवमी, दशमी और एकादशी 3 पितृ मुक्ति तीर्थ ब्राह्मण सेवा
पितृ पक्ष नवमी, दशमी और एकादशी 3 पितृ मुक्ति तीर्थ ब्राह्मण सेवा
पितृ पक्ष नवमी, दशमी और एकादशी 3 पितृ मुक्ति तीर्थ ब्राह्मण सेवा
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पितृ पक्ष नवमी, दशमी और एकादशी 3 पितृ मुक्ति तीर्थ ब्राह्मण सेवा

पितृ पक्ष नवमी, दशमी और एकादशी 3 पितृ मुक्ति तीर्थ ब्राह्मण सेवा

पितृ पक्ष के दूसरे हिस्से का विशेष महत्व माना जाता है। अमावस्या नजदीक आते ही पितृ सेवा का समय सीमित होने लगता है। इस दौरान नवमी, दशमी और एकादशी तीन विशेष तिथियाँ हैं। हर तिथि पितरों की यात्रा के एक अलग चरण से जुड़ी है। इन तीनों तिथियों पर तीन मोक्ष तीर्थों में ब्राह्मण सेवा की जाएगी। हर तिथि के लिए उसी से जुड़े विशेष तीर्थ का चयन किया गया है।

🔱 3 प्रमुख तिथियाँ, पितरों की यात्रा के 3 चरण
नवमी | बिंदु सरोवर, सिद्धपुर | 4 अक्टूबर 2026
मातृ नवमी मातृ वंश के पितरों के लिए विशेष मानी जाती है। यह पितृ पक्ष की वह तिथि है, जो विशेष रूप से माताओं और मातृ वंश की महिलाओं के लिए समर्पित है। बिंदु सरोवर को मातृ गया कहा जाता है। इसे मातृ पूर्वजों के लिए विशेष पवित्र तीर्थ माना जाता है। यहाँ ऋषि कपिल ने अपनी माता देवहूति के लिए पितृ कार्य किए थे। भगवान परशुराम द्वारा माता रेणुका के लिए मातृ श्राद्ध किए जाने की परंपरा भी इसी स्थान से जुड़ी है।

दशमी | रामेश्वरम घाट | 5 अक्टूबर 2026
गरुड़ पुराण में दशमी तिथि को पितर के सूक्ष्म पिंड स्वरूप के पूर्ण होने से जोड़ा गया है। यह पितरों की यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। रामेश्वरम दक्षिण भारत का प्रमुख पितृ तीर्थ है। यहाँ भगवान शिव और भगवान विष्णु की कृपा का संगम माना जाता है। पौराणिक परंपरा के अनुसार, भगवान राम ने भी यहाँ पितृ कार्य किए थे।

एकादशी | गंगा घाट, हरिद्वार | 6 अक्टूबर 2026
एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। उन्हें पितृ मोक्ष प्रदान करने वाले स्वरूप के रूप में स्मरण किया जाता है। यह सर्व पितृ अमावस्या से पहले की अंतिम विशेष तिथि है। हरिद्वार को माँ गंगा के धरती पर आगमन का प्रवेश द्वार माना जाता है। भगीरथ की तपस्या से माँ गंगा धरती पर आईं और उनके पवित्र जल से 60,000 पितरों को मुक्ति मिलने की मान्यता है।

श्री मंदिर के माध्यम से इन तीनों तिथियों पर उनके निर्धारित तीर्थों में आपके नाम से ब्राह्मण सेवा की जाएगी। प्रत्येक सेवा का वीडियो आपको 24–48 घंटे के भीतर प्राप्त होगा।
आपकी प्रत्येक बुकिंग केवल आपकी व्यक्तिगत सेवा नहीं है। आपकी भागीदारी इस पवित्र सामूहिक पुण्य कार्य को अधिक परिवारों और अधिक दिवंगत आत्माओं तक पहुँचाने में सहायता करती है। यह केवल एक व्यक्ति की सेवा नहीं, बल्कि साझा श्रद्धा और भक्ति का प्रयास है। आपका योगदान इस सेवा को और व्यापक बनाने में सहायक होता है।
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