दिवाली महोत्सव 3 महातीर्थ 101KG खिचड़ी भोजन सेवा
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दिवाली महोत्सव 3 महातीर्थ 101KG खिचड़ी भोजन सेवा
दिवाली महोत्सव 3 महातीर्थ 101KG खिचड़ी भोजन सेवा
दिवाली महोत्सव 3 महातीर्थ 101KG खिचड़ी भोजन सेवा

दिवाली महोत्सव 3 महातीर्थ 101KG खिचड़ी भोजन सेवा

दिवाली की रात हर गली रोशनी से जगमगाती है, हर घर से कुछ स्वादिष्ट और गरम पकने की खुशबू आती है। लेकिन जिस रात चारों ओर उत्सव का माहौल हो, उस रात भूखा रहना एक अलग ही तरह का अकेलापन महसूस कराता है। दिवाली हर गली को रोशन करती है और हर घर को पकवानों की खुशबू से भर देती है। लेकिन कुछ लोगों के लिए यह रात भी बाकी मुश्किल रातों की तरह ही बीत जाती है। 3 पवित्र स्थलों पर आयोजित इस 101KG खिचड़ी सेवा के माध्यम से आप उनके जीवन में बदलाव ला सकते हैं!

दिवाली पर सेवा करने का महत्त्व
दिवाली भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी और रावण पर उनकी विजय का उत्सव है - अर्थात धर्म की अधर्म पर विजय। धर्म केवल प्रार्थना करने तक सीमित नहीं है, बल्कि करुणा और सेवा के कार्यों के माध्यम से उसे अपने जीवन में उतारना भी है। माँ लक्ष्मी की कृपा से मिलने वाली सच्ची समृद्धि वही है, जिसे दूसरों के साथ बाँटा जाए। इस पावन रात ज़रूरतमंदों की सेवा करना उन गुणों को दर्शाता है, जिन्हें माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद घर में लेकर आता है - पवित्रता, कृतज्ञता और उदारता। दिवाली अंधकार को दूर करती है और सेवा उस प्रकाश को भूख, गरीबी और अकेलेपन से जूझ रहे लोगों तक पहुँचाती है, जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

इन 3 पवित्र स्थलों पर सेवा क्यों करें?
काशी माँ अन्नपूर्णा की पावन नगरी है, जो अन्न और पोषण की देवी हैं। यह वही पवित्र भूमि है, जहाँ स्वयं भगवान शिव भिक्षापात्र लेकर आए थे और उन्हें भोजन प्राप्त हुआ था। यहाँ अर्पित की जाने वाली खिचड़ी केवल भूखों का पेट नहीं भरती, बल्कि उस पावन धरती पर अन्न सेवा का माध्यम बनती है, जहाँ भोजन को सदा दिव्य माना गया है। अयोध्या का सरयू घाट वह पावन स्थल है, जहाँ भगवान श्रीराम के घर लौटने की खुशी में दीप जलाकर दिवाली मनाने की परंपरा जुड़ी है। वहीं, पुरी में मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ स्वयं यहाँ भक्तों के साथ भोजन करने पधारते हैं। इस पावन भूमि पर की गई अन्न सेवा उनके श्रीचरणों में समर्पित एक भेंट के समान है।

श्री मंदिर के माध्यम से दिवाली के पावन अवसर पर आपके नाम से काशी के अस्सी घाट, अयोध्या के सरयू घाट और पुरी में कुल 101 किलो खिचड़ी भोजन सेवा संपन्न की जाएगी। सेवा का वीडियो 24–48 घंटों के भीतर आप तक पहुँचा दिया जाएगा।
यह बुकिंग सामूहिक सेवा का एक हिस्सा है, जिसे इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति का योगदान सार्थक बनाता है। यह एक उच्च उद्देश्य के लिए किया गया साझा प्रयास है। इस सामूहिक अर्पण के माध्यम से हम इस पावन पहल को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक ज़रूरतमंदों तक पहुँचने में सक्षम होते हैं।
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अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
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