2026 का सबसे लंबा खग्रास चंद्र ग्रहण! अपनी राशि के लिए निर्धारित महाशक्ति की शरण लें और अनिष्ट ऊर्जा को शुभता में बदलें।
3 मार्च 2026 की वह रात्रि है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होंगे। यह इस वर्ष का सबसे लंबा खग्रास चंद्र ग्रहण है। शास्त्रों के अनुसार, जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में छिप जाता है, तब ब्रह्मांड में नकारात्मक तरंगों का संचार तीव्रतम होता है।
चंद्रमा मन और भाग्य का कारक है। इस खग्रास स्थिति में सभी 12 राशियाँ संवेदनशील और असुरक्षित हो जाती हैं। ऐसे में अपनी राशि की सुरक्षा अवश्य करें।
🪐 राशि अनुसार चढ़ावा और उसके लाभ
🔸 मेष: शिव और सूर्य | ग्रहण के कारण होनेवाले क्रोध, अहंकार और मानसिक अशांति में शांति
🔸 वृषभ: महादेव | ग्रहण काल के पश्चात भावनात्मक संतुलन और सुरक्षा आशीष प्राप्ति
🔸 कन्या: शिव और देवी शक्ति | चिंता, ज़्यादा सोचना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में राहत
🔸 मिथुन: शिव और गणेश | गलतफहमी, आपसी विवाद और निर्णय न ले पाने की स्थिति से बचाव
🔸 कुंभ: शिव और नवग्रह | कुकर्मों और ग्रह दोषों का शमन
🔸 वृश्चिक: शिव और नवग्रह | भावनात्मक उथल-पुथल और अचानक आनेवाली बाधाओं पे नियंत्रण
🔸 सिंह: शिव और सूर्य | मान-प्रतिष्ठा, अधिकार और पिता से संबंधित चिंताओं से रक्षा
🔸 मीन: शिव और विष्णु | आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग में बढ़त और ग्रहण जनित भ्रम में शांति
🔸 कर्क: शिव और हनुमान | ग्रहण के बाद होनेवाले मूड स्विंग्स में स्थिरता और मानसिक तनाव में शांति
🔸 तुला: शिव और लक्ष्मी | रिश्तों में असंतुलन और अनावश्यक खर्चों पर रोक
🔸 धनु: विष्णु, शिव और नवग्रह | करियर में सुरक्षा और कामों में आनेवाली बाधाओं का शमन
🔸 मकर: शिव और नवग्रह | कार्यक्षेत्र के दबाव, अधिकारियों से विवाद और ग्रहों की पीड़ा में राहत
यह खग्रास ग्रहण वर्ष का सबसे लंबा ग्रहण है। इन दिव्य धामों में आपकी राशि के नाम से होनेवाली आराधना न केवल ग्रहण से सुरक्षा करेगी, बल्कि आपके जीवन में सकारात्मकता एवं समृद्धि का संचार भी करेगी। इसलिए देर न करें! अभी अपनी आराधना एवं सेवा बुक करें।
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⚠️ ग्रहण काल में सूतक के कारण शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसलिए आपका चढ़ावा-आराधना अगले दिन संपन्न किया जाएगा।







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मंत्र जाप चढ़ावा एक विशेष धार्मिक सेवा है, जिसमें श्रद्धालु की ओर से किसी देवता के नाम का मंत्र नियत संख्या में जाप किया जाता है। यह जाप विशेषकर पूर्ण श्रद्धा और नियमपूर्वक चढ़ावा के साथ किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि मंत्र जाप चढ़ाने से भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, दोषों का निवारण होता है तथा दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है!
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