इस कृष्ण जन्माष्टमी कान्हा के श्री चरणों में वट पत्र पर अपना स्वयं का नाम लिखकर अर्पित करें, जो किसी भी मंदिर में जन्माष्टमी की भीड़ में संभव नहीं है - लेकिन श्री मंदिर अपने सबसे ख़ास 100 भक्तों के लिए इसे संभव बना रहा है, सिर्फ़ इतना ही नहीं अर्पण पर कान्हा को माँ यशोधा जैसे राजभोग करवाएं और फिर उनके प्रिय भक्तों को अन्न सेवा दें!
🕛 वह मध्यरात्रि जब सृष्टि के धर्माधिकारी प्रकट हुए:
रोहिणी नक्षत्र में, कृष्ण-अष्टमी पर, मध्यरात्रि में कंस के काल और ब्रज के आनंद में माता देवकी के गर्भ से जन्म लिया! श्री हरि विष्णु ने कृष्ण स्वरूप में अपना पूर्व अवतार लिया।श्रीमद्भागवत का वचन है: "धर्म-संस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे।" कृष्ण स्वयं धर्माधिकारी हैं, धर्म के सर्वोच्च स्थापक। और जो उनकी सेवा में भागीदार हो - वह भी धर्माधिकारी ही है।
🍃वटपत्र नाम-लेखन: श्री भतरौंड बिहारी जी, वृंदावन:
वटपत्र का रहस्य: प्रलय के जल में 'वातपत्रशायी' कृष्ण बरगद के पत्ते पर शयन करते हुए सम्पूर्ण सृष्टि को अपने उदर में समेटे हैं। बरगद = शाश्वत ज्ञान और दिव्य शरण।आपका नाम वटपत्र पर लिखकर जब श्री चरणों में अर्पित होगा = तब आपकी काया, आपकी आत्मा, आपका समस्त जीवन, सभी संकट - कृष्ण-चरणों में समर्पित होंगे।
🍛56 भोग राजभोग: श्री स्नेह बिहारी जी मंदिर, वृंदावन:
स्वामी हरिदास जी की अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर श्री श्यामा-श्याम स्वयं निधिवन से प्रकट हुए यह विग्रह किसी मनुष्य ने नहीं बनाया। जन्माष्टमी की मध्यरात्रि के महाभिषेक के बाद, बिहारी जी को 56 भोग अर्पित होते हैं। क्यों 56? माँ यशोदा कन्हैया को दिन में 8 बार खिलाती थीं। गोवर्धन लीला में कृष्ण ने 7 दिन अन्न-जल नहीं लिया। जिसके बाद ब्रजवासियों ने उन्हें 7 × 8 = 56 प्रेम-भोज एक साथ अर्पित किए- वह ऋण चुकाया। br>
🌿21 थाल अन्नदानम् सेवा: श्री कृष्ण मंदिर, उडुपी:
800 वर्षों से यहाँ 'अन्न ब्रह्म' परंपरा चल रही है, प्रतिदिन 5,000 भक्त, जन्माष्टमी पर 30,000+ से ज़्यादा भक्त यहाँ भोजन करते हैं। गीता का वचन: "यो मे भक्तेषु तद् करोति - तत् मां करोति" भक्त को भोजन देना = कृष्ण को भोजन देने समान है।
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे तीन धामों में जन्माष्टमी सेवा:
वृंदावन और उडुपी तीन मंदिरों में एक ही दिन स्वयं जाकर वो भी जन्माष्टमी की भीड़ में यह सभी सेवा करवाना संभव नहीं। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से यह सम्पूर्ण संकल्प करवा सकते हैं। तीनों मंदिरों के प्रमाणित पुरोहित जन्माष्टमी के परम सिद्ध मुहूर्त में सम्पूर्ण विधि-विधान से आपकी सेवा सम्पन्न करेंगे। तीनों सेवाओं का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फोन पर प्राप्त होगा।
🙏जन्माष्टमी पर वटपत्र पर आपका नाम कृष्ण-चरणों में, 56 भोग से बिहारी जी को तृप्त करें, और अन्नदान से 'अन्न ब्रह्म' की सेवा करें - अभी बुक करें!