वृंदावन की रज पुकार रही है! क्या इस फुलेरा दूज, राधा-दामोदर के फूल बंगला में एक कली आपके नाम की भी महकेगी? अपना योगदान अभी दर्ज करें!
पौराणिक कथा के अनुसार, जब श्री कृष्ण लंबे समय तक गोपियों और राधा रानी से नहीं मिल पाए, तो प्रकृति मुरझाने लगी। तब फाल्गुन मास की द्वितीया को कान्हा वृंदावन पधारे। उनके आते ही कलियाँ खिल उठीं। कान्हा ने राधा रानी और गोपियों को मनाने के लिए उनपर फूलों की वर्षा की। देखा-देखी राधारानी और गोपियाँ भी श्रीकृष्ण पर पुष्प बरसाने लगीं। वहीं से फूलों की होली और फुलेरा दूज की परंपरा शुरू हुई।
इस दिन ठाकुर जी का फूलों से श्रृंगार करना और उन्हें फूलों के महल में विराजना, साक्षात् कृष्ण-प्रेम को प्राप्त करने जैसा है। वही दिव्य प्रेम, वही सुगंध और वही आनंद, अब आप अपने घर बैठे ठाकुर जी के लिए अर्पित कर सकते हैं।
क्यों खास है यह सेवा?
🛕 दिव्य धाम: राधा-दामोदर धाम वह पावन स्थान है जहाँ स्वयं रूप गोस्वामी के हाथों से बने विग्रह विराजमान हैं। यहाँ की गिरिराज शिला साक्षात् कृष्ण का स्वरूप है। जब आप यहाँ फूल बंगला सजाने में अपना अंश देते हैं, तो आप केवल फूल नहीं, बल्कि अपना भाव ठाकुर जी के चरणों में रखते हैं।
🌸 भक्त का अर्पण: आपके द्वारा दिया गया सहयोग ठाकुर जी के पुष्प-महल, उनके गहनों और उनके महकते दरबार को सजाने में उपयोग होगा।
🪔 राधा रानी की प्रसन्नता: जो भक्त फुलेरा दूज पर ठाकुर जी को फूलों से सजाता है, राधा रानी उसके जीवन को खुशियों के रंगों से भर देती हैं।
⚡दिव्य वरदान: घर में कलह हो या मन अशांत, ठाकुर जी की यह शीतल सेवा आपके जीवन की तपन को शांत कर देती है और समस्त बाधाओं को आपके रास्ते से हटा देती है।
ऐसा सुगंधित अवसर न गवाएं! समय सीमित है, और ठाकुर जी का दरबार सजने को तैयार है। आज ही अपनी फूल बंगला सेवा में अपना स्थान सुरक्षित करें।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।







महासेवा एक अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी सेवा है, जिसका उल्लेख वेद-पुराणों में बार-बार हुआ है। जब किसी व्यक्ति द्वारा भोजन, वस्त्र एवं अन्न जैसे उच्चतम कार्य श्रद्धा और निष्काम भाव से किए जाते हैं, तो उसे महादान कहा जाता है। यह सेवा न केवल दाता के पापों का क्षय करता है, बल्कि पितृ, देवता और ऋषियों को संतुष्ट कर जन्म-जन्मांतर के कर्मबंधन से मुक्ति दिलाता है!
हाँ, सेवा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' सेक्शन में देख सकते हैं।
चढ़ावा बुकिंग के बाद आपको व्हाट्सऐप के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप में "चढ़ावा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपने चढ़ावे की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
सेवा बुकिंग के बाद आपको WhatsApp के माध्यम से अपडेट्स मिलते रहेंगे। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप के "सेवा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपनी सेवा की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे सेवा बुक करने का अवसर प्रदान करता है। आप एक से अधिक सेवाएं चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपकी सेवा में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119 या 📞08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।
हम एक टेक्नोलॉजी कंपनी हैं, जो मंदिरों या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे एनजीओ, सेक्शन 8 कंपनियां और ट्रस्ट) को स्वैच्छिक दान संग्रहण और वितरण की सुविधा प्रदान करती है। हम (यदि लागू हो) एक छोटी सी सेवा/प्रोसेसिंग फीस लेते हैं, और सभी लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दाताओं और प्राप्तकर्ता संस्थाओं के बीच सुरक्षित और पारदर्शी लेन-देन को सक्षम करने तक सीमित है।
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