🔱 जीतें महादेव का ह्रदय! जब पशुपतिनाथ के प्रिय जीव भोजन पाते हैं, तब आपके प्रारब्ध के कष्ट स्वयं कट जाते हैं। अभी इस दिव्य सेवा का हिस्सा बनें।
📙 शास्त्रों के अनुसार, महादेव अर्थात पशुपतिनाथ इस ब्रह्मांड के हर जीव, हर पशु के स्वामी और रक्षक हैं। जब हम उनके मूक गणों को तृप्त करते हैं, तो वह सेवा सीधे महादेव के चरणों में स्वीकार होती है।
🌸 इस पावन अवसर पर, करें एक ऐसी दिव्य सेवा यात्रा, जो काशी, मथुरा और अयोध्या के दिव्य केंद्रों को एक सूत्र में पिरोती है:
1️⃣ श्वान सेवा - बटुक भैरव मंदिर, काशी (कालाष्टमी)
काशी के कोतवाल भैरव के वाहन की सेवा करें। कालाष्टमी पर श्वान-तृप्ति राहु-केतु के दोष शांत कर जीवन में सुरक्षा का महाकवच प्रदान करती है।
2️⃣ गौ सेवा - श्री धाम गौशाला, मथुरा: गौ सेवा (एकादशी)
ब्रज की रज में एकादशी पर गौ सेवा साक्षात शिव-शक्ति की कृपा है। शास्त्रों के अनुसार, गौ माता के कंधे पर स्वयं महादेव का वास होता है और उनके शरीर में 33 करोड़ देवता निवास करते हैं। एकादशी पर इस सजीव मंदिर की सेवा करना, सात पीढ़ियों के पितरों को तृप्ति और महादेव का आशीर्वाद दिलाता है।
3️⃣ वानर सेवा - अयोध्या धाम (शनि प्रदोष)
प्रदोष काल वह समय है जब महादेव प्रसन्न होकर तांडव करते हैं। अयोध्या में महादेव के अंशावतार हनुमान जी के स्वरूप वानरों की सेवा करना शनि के समस्त कष्टों का निवारण करता है।
4️⃣ नंदी सेवा - शिव नंदीशाला, काशी (महाशिवरात्रि)
महाशिवरात्रि पर महादेव के परम वाहन और द्वारपाल नंदी को तृप्त करें। जैसे नंदी के कानों में कही बात शिव तक पहुँचती है, वैसे ही नंदी को कराया गया भोजन सीधे पशुपतिनाथ की भूख मिटाता है।
महादेव के गण भूखे न रहें, और आपकी भक्ति अधूरी न रहे! आज ही 'गण-तृप्ति' सेवा का हिस्सा बनें और पशुपतिनाथ का अमोघ आशीर्वाद प्राप्त करें।
⚠️ इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।







महासेवा एक अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी सेवा है, जिसका उल्लेख वेद-पुराणों में बार-बार हुआ है। जब किसी व्यक्ति द्वारा भोजन, वस्त्र एवं अन्न जैसे उच्चतम कार्य श्रद्धा और निष्काम भाव से किए जाते हैं, तो उसे महादान कहा जाता है। यह सेवा न केवल दाता के पापों का क्षय करता है, बल्कि पितृ, देवता और ऋषियों को संतुष्ट कर जन्म-जन्मांतर के कर्मबंधन से मुक्ति दिलाता है!
हाँ, सेवा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' सेक्शन में देख सकते हैं।
सेवा बुकिंग के बाद आपको WhatsApp के माध्यम से अपडेट्स मिलते रहेंगे। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप के "सेवा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपनी सेवा की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे सेवा बुक करने का अवसर प्रदान करता है। आप एक से अधिक सेवाएं चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपकी सेवा में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119 या 📞08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।
"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
"हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।"