पूरे वर्ष में केवल एक बार - 15 दिनों के लिए - जब इस लोक और पितृ लोक के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है। यह पितृ पक्ष है। पितृ पक्ष के ये 15 दिन - 15 अलग-अलग पितृ-द्वार हैं। प्रत्येक दिन एक विशेष पितृ-वर्ग के लिए निर्धारित है। हर पितर के लिए एक अलग द्वार खुलता है।
गया क्यों? - क्योंकि गया में पितरों की मुक्ति शास्त्र-प्रमाणित है
वायु पुराण की घोषणा है - गया में श्राद्ध करने से सात पीढ़ियों के पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है। गरुड़ पुराण कहता है - गया में श्राद्ध करने से जीवित वंशज को अपने पितरों को मुक्ति देने का सामर्थ्य प्राप्त होता है। यही वह अतुलनीय महिमा है जो गया को सम्पूर्ण सनातन धर्म का सर्वोच्च पितृ तीर्थ बनाती है।
गयावाल पंडा - 5,000 वर्ष पुरानी अखण्ड परम्परा के जीवित प्रतिनिधि
गया के गयावाल पंडा साधारण पुरोहित नहीं हैं। ये पितृ सेवक हैं - पितरों के पवित्र सेवक - इस लोक और पितृ लोक के बीच का जीवित और अखण्ड सेतु। वैदिक काल से इनकी वंश-परम्परा निर्बाध रूप से चलती आई है। प्रत्येक गयावाल पंडा परिवार पीढ़ियों से भारत के एक विशेष क्षेत्र और गोत्र के परिवारों की सेवा करता आया है - यह सम्बन्ध पुरोहित और यजमान का नहीं, यह पितृ-संरक्षक और पितृ-वंशज के बीच का अनादि अनुबन्ध है। जब गयावाल पंडा आपके नाम और गोत्र का संकल्प लेते हैं - वे केवल शब्द नहीं बोलते। वे पाँच हज़ार वर्षों से पवित्र रखे गए उस सम्बन्ध को पुनः जागृत करते हैं।
जब आप पंडा को भोजन कराते हैं - आपके पितर तृप्त होते हैं
मनु स्मृति का विधान - "श्राद्ध में केवल सदाचारी, तपस्वी, वेदज्ञ, स्वाध्यायशील ब्राह्मण को ही भोजन कराना चाहिए - क्योंकि ऐसे ब्राह्मण में ही वह वैश्वानर-अग्नि प्रज्वलित होती है जो भोजन को सूक्ष्म रूप में परिवर्तित करके सीधे पितृ लोक तक पहुँचाती है।" जब आप पंडा को भोजन कराते हैं - आपके पितर पितृ लोक में तृप्त होते हैं। जब आप उन्हें वस्त्र देते हैं - आपके पितर परलोक में गरिमा से आच्छादित होते हैं। जब आप अनाज अर्पित करते हैं - आप उन्हें जीवन-शक्ति देते हैं। जब आप फल अर्पित करते हैं - आप उनके कर्म-बन्धनों को शिथिल करते हैं और उनका मोक्ष-पथ प्रशस्त करते हैं।
घर बैठे करें गया जी पंडा सेवा - श्री मंदिर के माध्यम से!
पितृ पक्ष के सम्पूर्ण 15 दिन गया जी जाकर व्यक्तिगत रूप से गयावाल पंडा से सेवा करवाना प्रत्येक परिवार के लिए सम्भव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर के माध्यम से आप - संसार में कहीं से भी - एक बार बुक करके धर्मारण्य वेदी, गया के प्रमाणित गयावाल पंडा जी से सम्पूर्ण 15 दिन अपने नाम-गोत्र का संकल्प लेकर ब्राह्मण भोजन, वस्त्र सेवा, अनाज सेवा और फल सेवा करवा सकते हैं। गया की प्रमाणित पंडा जी द्वारा सम्पूर्ण विधि-विधान से प्रतिदिन सम्पन्न कराई जाएगी। प्रतिदिन सेवा का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आप तक पहुँचाया जाएगा।
16 पवित्र तीर्थ। 16 पवित्र तिथियाँ। केवल श्री मंदिर के साथ!
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक का नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।







हम एक टेक्नोलॉजी कंपनी हैं, जो मंदिरों या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे एनजीओ, सेक्शन 8 कंपनियां और ट्रस्ट) को स्वैच्छिक दान संग्रहण और वितरण की सुविधा प्रदान करती है। हम (यदि लागू हो) एक छोटी सी सेवा/प्रोसेसिंग फीस लेते हैं, और सभी लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दाताओं और प्राप्तकर्ता संस्थाओं के बीच सुरक्षित और पारदर्शी लेन-देन को सक्षम करने तक सीमित है।
जब तक अन्यथा उल्लेख न किया गया हो और लागू कानूनों के अंतर्गत पंजीकृत न हो, हम स्वयं को किसी चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संगठन के रूप में प्रस्तुत नहीं करते। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के तहत, कर छूट केवल उन्हीं मामलों में लागू होती है, जहां प्राप्तकर्ता एनजीओ के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और वह उसका रसीद जारी करे। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो। हमारे प्लेटफॉर्म का उपयोग करके, आप स्वीकार करते हैं, कि आपका योगदान स्वैच्छिक है, और उसके कानूनी, कर-संबंधी एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने की पूरी जिम्मेदारी आपकी स्वयं की है।
महासेवा एक अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी सेवा है, जिसका उल्लेख वेद-पुराणों में बार-बार हुआ है। जब किसी व्यक्ति द्वारा भोजन, वस्त्र एवं अन्न जैसे उच्चतम कार्य श्रद्धा और निष्काम भाव से किए जाते हैं, तो उसे महादान कहा जाता है। यह सेवा न केवल दाता के पापों का क्षय करता है, बल्कि पितृ, देवता और ऋषियों को संतुष्ट कर जन्म-जन्मांतर के कर्मबंधन से मुक्ति दिलाता है!
हाँ, सेवा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' सेक्शन में देख सकते हैं।
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