श्री कृष्ण जन्माष्टमी 25000 कृष्ण भक्त उडुपी अन्नदानम् महासेवा
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 25000 कृष्ण भक्त उडुपी अन्नदानम् महासेवा
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 25000 कृष्ण भक्त उडुपी अन्नदानम् महासेवा
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 25000 कृष्ण भक्त उडुपी अन्नदानम् महासेवा
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 25000 कृष्ण भक्त उडुपी अन्नदानम् महासेवा
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 25000 कृष्ण भक्त उडुपी अन्नदानम् महासेवा

श्री कृष्ण जन्माष्टमी 25000 कृष्ण भक्त उडुपी अन्नदानम् महासेवा

कृष्ण के अपने जन्मदिन पर, उनके अपने मठ में, उनके 25,000 भक्तों को भोजन - साल का एकमात्र मौक़ा, जो दोबारा लौटकर नहीं आएगा - अभी सहभागी बनें।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर कर्नाटक के उडुपी में 800 वर्षों से अखण्ड अन्नदान की परम्परा निभाने वाले श्री कृष्ण मठ मंदिर में 25,000 कृष्ण भक्तों को भोजन कराने की यह महासेवा अत्यंत दुर्लभ है। भागवत पुराण में स्वयं भगवान का वचन है - "मैं भूखे व्यक्तियों में निवास करता हूँ, जो उन्हें तृप्त करे, वह मुझे तृप्त करे।" कृष्ण के जन्मदिन पर, उनके मठ में, उनके 25,000 भक्तों को भोजन = 25,000 बार साक्षात् कृष्ण को भोजन करवाने के समान है।
🙏"अन्न दानं परं दानम्" - शास्त्रों में यह सर्वोच्च सेवा क्यों है?
तैत्तिरीय उपनिषद् ने घोषणा की, "अन्नं ब्रह्म" भोजन ही परमात्मा है। "न कदाचित् अन्नं प्रत्याख्यायम्" - कभी किसी भूखे को मना मत करो। भगवद् गीता 3.14 में कृष्ण ने स्वयं कहा "अन्नाद् भवन्ति भूतानि" सभी प्राणी अन्न से उत्पन्न है और महाभारत में भीष्म ने कहा "अन्नदः प्राणदो लोके - अन्न देने वाला जीवन देता है, और जीवन देने वाला सब कुछ देता है।" सभी सेवाओं में श्रेष्ठ इस अन्न सेवा में भाग लेने से ऋण से मुक्ति, 7 पीढ़ियों तक पितरों की शान्ति, संतानों की रक्षा, मनोकामना पूर्ति, और इस जन्म और आने वाले जन्मों में कभी अन्न-संकट न होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
🛕 श्री कृष्ण मठ, उडुपी - "अन्नं ब्रह्म" का जीवित चमत्कार!
13वीं शताब्दी में श्री मध्वाचार्य जी ने उडुपी में श्री कृष्ण मठ की स्थापना की। तब से आज तक 800 वर्षों से एक दिन भी बिना अन्नदान के नहीं। यह मंदिर "अन्नं ब्रह्म" कहलाता है - जहाँ अन्न ही ब्रह्म है। सामान्य दिनों में उत्सव पर 30,000 से अधिक भक्त अन्न ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि इस अखण्ड परम्परा में स्वयं चिरंजीवी अश्वत्थामा भी प्रसाद ग्रहण करते हैं।
🍚 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे जन्माष्टमी पर उडुपी में 25,000 कृष्ण भक्त अन्नदानम् महासेवा में सहभागी बनें!
जन्माष्टमी पर स्वयं उडुपी जाकर 25,000 भक्तों को भोजन कराना किसी भी एक व्यक्ति के लिए असम्भव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे इस महासेवा में सहभागी हो सकते हैं। श्री कृष्ण मठ के प्रमाणित सेवक आपके नाम से संकल्प लेकर जन्माष्टमी के सिद्ध मुहूर्त में 25,000 कृष्ण भक्तों को भोजन अर्पण करेंगे। अन्नदान सेवा का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फोन पर प्राप्त होगा।
🙏कृष्ण के जन्मदिन पर, उनके अपने मठ में, उनके भक्तों को भोजन कराएँ और भागवत पुराण के वचन को सत्य करें - "जो भूखे को तृप्त करे, वह मुझे तृप्त करे।" अभी बुक करें!
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक का नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।
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अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
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