सिर्फ बोलें नहीं, प्रभावित करें! 10 महाविद्या सिद्धपीठ मंदिर में हो रहे माता मातंगी के हवन में लौंग आहुति अर्पित कर जगाएं अपना राजसी व्यक्तित्व।
📙 शास्त्रों जैसे स्वतंत्र तंत्र और शक्ति संगम तंत्र में वर्णित है कि जब समस्त देवों ने भगवान शिव और माता पार्वती को दिव्य भोजन अर्पित किया, तब उनके भोजन की पवित्र जूठन से एक देवी प्रकट हुईं, वही माँ मातंगी हैं। यह देवी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर उस ज्ञान की रक्षा करती हैं जो अजेय है।
🔥 लौंग हवन: आपके विशुद्ध चक्र की तांत्रिक चाबी
🔸 माँ मातंगी का संबंध लौंग से अत्यंत गहरा है। लौंग को आयुर्वेद में कंठ का रक्षक और तंत्र में अग्नि का तीक्ष्ण बाण माना गया है।
🔸 लौंग की आहुति का विज्ञान: जब सिद्ध मंत्रों के साथ लौंग की आहुति दी जाती है, तो वह साधक के कंठ चक्र के कफ और जड़ता को भस्म कर देती है।
📘 शास्त्रों का प्रमाण: सारदा तिलक के अनुसार, मातंगी साधना में लौंग का प्रयोग वाक्-सिद्धि (जो कहो, वो सच हो जाए) और राज-वशीकरण (प्रशासन और समाज पर प्रभुत्व) के लिए अचूक है।
🛕 हरिद्वार 10 महाविद्या सिद्ध पीठ मंदिर की महिमा
हरिद्वार की इस पावन धरा पर स्थित सिद्धपीठ वह स्थान है जहाँ दसों महाविद्याएं जाग्रत अवस्था में प्रतिष्ठित हैं। यहाँ किया गया लौंग हवन सामान्य अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक दिव्य उपाय है जो आपके जीवन की व्यापारिक बाधाओं, कोर्ट-कचहरी के विवादों और बुध ग्रह जनित कष्टों का शमन कर देता है।
🌸 हवन एवं चढ़ावा के लाभ
🔸 अभेद्य व्यक्तित्व: यदि समाज आपकी बातों को अनसुना कर देता है, तो यह अनुष्ठान आपकी वाणी में एक अचूक आकर्षण उत्पन्न करता है।
🔸 बुध की शुद्धि: व्यापार और बुद्धि के स्वामी बुध को माँ मातंगी नियंत्रित करती हैं। उनकी कृपा से आपका निर्णय और शब्द सीधे लक्ष्य पर लगते हैं।
🔸 जीवन के वे क्षेत्र जहाँ आप हार मान चुके हैं, वहाँ माँ मातंगी का यह विशेष चढ़ावा नई ऊर्जा का संचार करता है।
बुधवार के इस विशेष संयोग पर, हरिद्वार के सिद्धपीठ में अपने नाम की लौंग आहुति और चढ़ावा अर्पित कर अपनी सोई हुई वाक्-शक्ति को जगाएं।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
क्योंकि पूरे हवन में सिर्फ 108 किलो लौंग ही अर्पित की जा रही है, इसमें आहुतियाँ सीमित हैं! स्थान कम हैं और प्रत्येक व्यक्ति का संकल्प अलग से लिया जाएगा। एक बार सभी आहुतियाँ निर्धारित हो गईं, इसमें किसी और नाम को शामिल नहीं किया जा सकेगा।
यदि आप चाहते हैं कि आपके नाम की आहुति, संकल्प और विधि शामिल की जाए, तो अभी बुकिंग करें!







हवन आहुति दान एक अत्यंत पुण्यदायक कर्म है, जिसमें अग्नि के माध्यम से देवी-देवताओं को विशेष अर्पण अर्पित किया जाता है। इसमें शुद्ध घी, जौ, तिल, लकड़ी, हवन सामग्री आदि को मंत्रों के साथ अग्नि में समर्पित किया जाता है। यह आहुति न केवल वातावरण को पवित्र करती है, बल्कि साधक के पापों का क्षय, मानसिक शुद्धि और ग्रह दोषों से मुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त करती है!
श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
सेवा बुकिंग के बाद आपको WhatsApp के माध्यम से अपडेट्स मिलते रहेंगे। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप के "सेवा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपनी सेवा की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
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हम एक टेक्नोलॉजी कंपनी हैं, जो मंदिरों या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे एनजीओ, सेक्शन 8 कंपनियां और ट्रस्ट) को स्वैच्छिक दान संग्रहण और वितरण की सुविधा प्रदान करती है। हम (यदि लागू हो) एक छोटी सी सेवा/प्रोसेसिंग फीस लेते हैं, और सभी लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दाताओं और प्राप्तकर्ता संस्थाओं के बीच सुरक्षित और पारदर्शी लेन-देन को सक्षम करने तक सीमित है।
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