🕉️ भैरव शब्द का ही अर्थ है: भय का हरण करने वाला। दंडनाथ इन सभी भयों के परम स्वामी हैं। काल यानी समय - वे समय के स्वामी हैं। दंड यानी न्याय - वे न्याय के स्वामी हैं और भय उनके नाम में ही है। काल भैरव का यह स्वरूप वो है जो पापियों को दंडित करता है, जो शत्रुओं को भस्म करता है और अधर्म का विनाश करता है।
यदि वे आपसे प्रसन्न हैं: उनका दंड आपके शत्रुओं पर पड़ेगा। आपकी बाधाओं को ध्वस्त करेगा। न्यायालय में आपके पक्ष में निर्णय दिलाएगा। यदि वे प्रसन्न नहीं हैं, वही दंड आपकी ओर भी मुड़ सकता है। कालाष्टमी पर तेल अभिषेक यानी उनका दंड आपके पक्ष में।
🛕उज्जैन का काल भैरव क्यों है - सर्वोच्च शरण?
उज्जैन महाकाल की नगरी है। यहाँ शिव स्वयं काल के रूप में विराजमान हैं और इस नगरी के कोतवाल, सेनापति और द्वारपाल हैं: काल भैरव। स्कंद पुराण के अवंती खंड में इस मंदिर का उल्लेख शास्त्रों में मिलता है। उज्जैन की परम्परा है: महाकाल के दर्शन से पहले काल भैरव का दर्शन अनिवार्य है, क्योंकि वे महाकाल के द्वारपाल हैं।
🛢️ तेल महाभिषेक का ब्रह्माण्डीय तर्क: दंडनाथ की अग्नि किस ओर मुड़ेगी?
दंडनाथ का मूल तत्व अग्नि है और उनका दंड ही अग्नि है। वह अग्नि दो दिशाओं में जल सकती है। सरसों का तेल शनि का तत्व है। काल भैरव: राहु, केतु, मंगल, शनि: सभी छाया-ग्रहों के गुरु हैं।
जब तेल से दंडनाथ का अभिषेक होता है तो उनकी अग्नि शांत होती है। जो अग्नि आपको दंडित कर सकती थी, वह अब आपका कवच बनती है। शत्रुओं, ग्रह-बाधाओं और न्याय-बाधाओं पर उनका दंड उग्रता से उठता है। तेल अभिषेक का अर्थ है दंडनाथ की अग्नि की दिशा परिवर्तन। यह शक्ति कालाष्टमी पर उज्जैन में जागृत है।
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे: उज्जैन दंडनाथ काल भैरव का भय-मुक्ति तेल महाभिषेक
उज्जैन तक पहुँचना हर किसी के लिए संभव नहीं है? लेकिन दंडनाथ की कृपा पहुँच सकती है। श्री मंदिर ऐप के माध्यम से, आपके नाम से नाम और गोत्र से: मंदिर के प्रमाणित पुरोहित कालाष्टमी के में दंडनाथ काल भैरव को सरसों तेल महाभिषेक संपन्न कराएँगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
दंडनाथ का दंड दो काम करता है: आपको दंडित करना या आपकी रक्षा करना। कालाष्टमी पर तेल अभिषेक से उस दंड को अपने पक्ष में लाएँ। तेल अभिषेक हेतु अभी अपना नाम दर्ज करें।