दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना
दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना
दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना
दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना
दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना
दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना
दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना

दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति लक्ष्मी-गणेश आराधना

🪔✨ वर्ष में केवल सिर्फ़ 2 घंटे 2 मिनट का लक्ष्मी पूजन महा-मुहूर्त - जब माँ लक्ष्मी 'चंचला' से 'स्थिरा' हो जाती हैं और सदा सदा के लिए घर में वास करती है!
माँ लक्ष्मी को शास्त्रों में 'चंचला' कहा गया है। वे एक स्थान पर अधिक समय नहीं ठहरतीं। वे आती हैं पर जहाँ उनका उचित स्वागत न हो, जहाँ अहंकार हो, असंयम हो, विघ्न हो वहाँ से चली जाती हैं। यही कारण है कि करोड़ों घरों में हर वर्ष दिवाली पर माँ की पूजा होती है, दिवाली फिर भी धन नहीं ठहरता, बचत नहीं होती। प्रश्न यह नहीं कि पूजा हुई या नहीं। प्रश्न यह है किस मुहूर्त में हुई?
🕐मुहूर्त शास्त्र का सबसे महत्वपूर्ण रहस्य - 'चर' और 'स्थिर' लग्न का अन्तर:
ज्योतिष में मुहूर्त-शास्त्र के ग्रंथ 'निर्णय सिन्धु' और 'धर्म सिन्धु' स्पष्ट कहते हैं जो कार्य चर-लग्न (गतिशील राशि) में होता है, वह स्थायी नहीं होता। जो कार्य स्थिर-लग्न (स्थायी राशि) में होता है वह जड़ पकड़ता है। दिवाली की रात "चर-लग्न में की गई पूजा में चंचला लक्ष्मी आती हैं, धन आता है और चला जाता है। स्थिर-लग्न में की गई पूजा में स्थिरा लक्ष्मी ठहरती हैं धन जड़ पकड़ता है और बढ़ता है।" वृषभ लग्न क्यों दिवाली का सर्वश्रेष्ठ लक्ष्मी-मुहूर्त है? तीन कारण एक साथ मिलते हैं -
(१) वृषभ = स्थिर-राशि = धन का अचल, स्थायी वास
(२) वृषभ का स्वामी = शुक्र माँ लक्ष्मी का स्वयं का ग्रह
(३) वृषभ = चन्द्रमा की उच्च-राशि समृद्धि की पराकाष्ठा
🐘 पहले गणेश दिवालीविघ्नेश्वर की शास्त्रीय आज्ञा:
शास्त्रों में वर्णित है माँ लक्ष्मी ने जब भक्तों के घरों में स्थायी निवास का निश्चय किया, तब उन्होंने गणेशजी से प्रार्थना की "जहाँ मैं जाऊँ, आप पहले विघ्न हटाएँ।" गणेशजी विघ्नेश्वर हैं वे हर शुभ कार्य के आरम्भ में आमंत्रित होते हैं। जब तक विघ्न हैं - धन की राह रुकी है। गणेश पहले आएँ तब माँ आएँ और ठहरें। 🙏 दिवाली के दिन उज्जैन के दोनों सिद्ध मंदिरों में स्थिर लक्ष्मी-गणेश आराधना में अभी सहभागी बनें!
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
अपनी सेवा चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook