पितृ पक्ष चतुर्थी महाकाल नगरी उज्जैन संपूर्ण पितृ शांति सेवा
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पितृ पक्ष चतुर्थी महाकाल नगरी उज्जैन संपूर्ण पितृ शांति सेवा

पितृ पक्ष चतुर्थी महाकाल नगरी उज्जैन संपूर्ण पितृ शांति सेवा

⚡ वह तथ्य जो उज्जैन को पितृ-कर्म के लिए सर्वोच्च बनाता है और जो अधिकांश लोग नहीं जानते।
भारत में बारह ज्योतिर्लिंग हैं। सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, काशी विश्वनाथ, ओंकारेश्वर सभी। और इन सभी में एक समानता है ये सब या तो पूर्व या उत्तर की ओर मुख किए हैं। ये शुभ दिशाएँ हैं देवताओं की, सूर्योदय की, समृद्धि की।केवल एक अपवाद है महाकालेश्वर, उज्जैन। वे दक्षिण की ओर मुख किए हैं।
यह वास्तुदोष नहीं यह शास्त्र-संकल्प है। दक्षिण = यमराज की दिशा = पितरों की दिशा। और महाकाल = वे जो काल से परे हैं जो मृत्यु को जीतने वाले हैं। वे दक्षिण की ओर इसलिए मुख किए हैं क्योंकि "वे मृत्यु को एक शत्रु की तरह नहीं एक पराजित शक्ति की तरह देखते हैं।" इसका अर्थ आपके पितरों के लिए: यहाँ श्राद्ध करना = उन्हें सीधे मृत्यु के विजेता के सामने रखना जो स्वयं उनकी दिशा में मुख किए हैं उनके रक्षक के रूप में। 🔱 महामृत्युञ्जय वह जो मृत्यु के बंधन को काटते है:
" आपके पितर यमलोक में बंधन में हैं अपने अधूरे कर्मों के, अधूरी इच्छाओं के। महामृत्युञ्जय जाप = "उस डंठल को काटने की प्रार्थना ताकि वे स्वाभाविक रूप से ऊपर जा सकें।"और यह जाप महाकाल लोक के महामृत्युञ्जय मठ में जहाँ शिव ने साक्षात् मार्कण्डेय को यम से बचाया था वहाँ होता है। यही वह धरती है जहाँ इस मंत्र की सर्वाधिक शक्ति है। 🪐 नवग्रह शनि मंदिर पितृ दोष की जड़ पर सीधा प्रहार:
उज्जैन के त्रिवेणी घाट पर राजा विक्रमादित्य द्वारा स्थापित श्री नवग्रह शनि मंदिर भारत का एकमात्र मंदिर जहाँ शनि देव शिव के रूप में पूजे जाते हैं। यहाँ शनि भगवा वस्त्र में, पिंडी रूप में कर्म के देवता और मोक्ष के दाता एक साथ। पितृ दोष का मूल प्रायः शनि की प्रतिकूलता में होता है। पूर्वजों के कर्म-लेखे का हिसाब शनि रखते हैं। यहाँ पूजन = शनि + शिव दोनों की एकसाथ कृपा। साढ़ेसाती, ढैय्या, शनि दोष और उससे उत्पन्न पितृ दोष सब यहाँ शान्त होते हैं। 🌊 शिप्रा वह नदी जहाँ स्कन्द पुराण ने सर्वोच्च वचन दिया:
स्कन्द पुराण: "जो उज्जैन में श्राद्ध करते हैं उनके पितर कभी स्वर्ग से नहीं गिरते। यहाँ दिया हर अर्पण पितरों को अनन्त लाभ पहुँचाता है।" और शिप्रा का एक और रहस्य "इसके तट पर किया दान अनन्त हो जाता है।" 🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे उज्जैन के तीनों स्थानों पर:
उज्जैन जाकर एक ही दिन शिप्रा घाट, महामृत्युञ्जय मठ और नवग्रह शनि मंदिर तीनों पर सेवा करना सबके लिए संभव नहीं। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम और गोत्र से यह सम्पूर्ण सेवा करा सकते हैं। उज्जैन के प्रमाणित वैदिक पुरोहित कुतप मुहूर्त में विधि-विधान से सेवा करेंगे। तीनों स्थानों से वीडियो प्रमाण २४-४८ घंटों में। 🙏 वह नगरी जहाँ मृत्यु भी महाकाल के सामने झुकती है उसी नगरी में यम की तिथि पर महामृत्युञ्जय की शक्ति से, शनि की कृपा से, शिप्रा के अमृत-जल से आपके पितरों के लिए सम्पूर्ण शान्ति। अभी बुक करें।
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