माघ मेले एवं मकर संक्रांति के महायोग पर पावन त्रिवेणी संगम घाट पर सूर्य अर्घ्य अर्पण एवं दीपदान कर अमोघ कृपा पाएं!
मकर संक्रांति वह क्षण है जब सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर बढ़ते हैं। शास्त्रों में इस परिवर्तन को देवताओं के दिन आरंभ होने का काल माना गया है, वह समय जब साधक की आंतरिक ऊर्जा जाती है अंधकार से प्रकाश की ओर, बाधा से प्रगति की ओर।
माघ मास में होने वाला द्वितीय शाही स्नान, विशेषकर 15 जनवरी, देवशक्ति और जलशक्ति को एक साथ सक्रिय करता है। यह दिन सिर्फ पंचांग का योग नहीं, बल्कि आत्मबल, पुण्य-संचय और आध्यात्मिक पुनर्जन्म का काल माना गया है।
🌅 त्रिवेणी संगम पर सूर्य अर्घ्य क्यों अर्पित करें?
सूर्य को अर्घ्य देना मात्र एक प्रार्थना नहीं। यह वह क्षण है जब साधक अपनी जीवन ऊर्जा को ब्रह्मांडीय प्रकाश से जोड़ता है। उत्तरायण से आरंभ होने वाला यह काल शास्त्रों में अधिक शुभफलदायक माना गया है। त्रिवेणी का जल अर्घ्य को त्रिगुणित पवित्रता प्रदान करता है जिसमें गंगा की निर्मलता, यमुना की कृपा और सरस्वती की मौन ज्ञान-शक्ति होती है। इसे त्रिगुणित पुण्यफल का काल कहा गया है।
🕯 त्रिवेणी संगम पर दीपदान क्यों करें?
मकर संक्रांति पर किया गया दीपदान प्राचीन परंपरा में “मार्ग-प्रकाश” का कर्म माना गया है जहाँ साधक अपने लिए, अपने कुल के लिए, और आने वाले समय हेतु कल्याणकारी शुभता स्थापित करता है। यहाँ किए गए दान-कर्म का प्रभाव तीर्थ परंपरा में ‘त्रि-नदी संगम’ की पवित्रता के कारण अधिक स्वीकार्य माना गया है अर्थात साधक को एक ही स्थान पर तीन तीर्थों का पुण्य मिल जाता है।
✨ जो व्यक्ति इस दिन अर्घ्य और दीपदान करता है, वह सिर्फ पुण्य नहीं कमाता, वह अपने जीवन की दिशा को शुभ, तेजस्वी और संरक्षित बनाता है। ऐसा दिव्य अवसर न गवाएं! अभी सेवा बुक करें!
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।






श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
हाँ, चढ़ावा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'चढ़ावा सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' में देख सकते हैं।
चढ़ावा बुकिंग के बाद आपको व्हाट्सऐप के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप में "चढ़ावा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपने चढ़ावे की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे चढ़ावा चढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।आप एक से अधिक चढ़ावे चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपके चढ़ावे में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119, 📞 08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं, जो आपकी सहायता के लिए तत्पर है।
हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।
हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।